नई दिल्ली, 5 अगस्त 2026।

संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन में व्यवस्था बनाए रखने को लेकर एक कड़ा संदेश दिया है। बुधवार को राज्यसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर उन्होंने सभी सदस्यों से नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि वेल में आने और प्लेकार्ड दिखाने वाले सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सभापति ने दी दो टूक चेतावनी

राज्यसभा के सभापति ने कहा कि उनकी सभी सदस्यों से दो विनम्र अपील हैं—पहली, कोई भी सदस्य सदन के वेल में न आए और दूसरी, कोई भी प्लेकार्ड न दिखाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई सदस्य इन निर्देशों का उल्लंघन करता है तो उसे बोलने का अवसर नहीं दिया जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के लिए वे बाध्य होंगे।

हंगामे के कारण बार-बार बाधित हुई कार्यवाही

बुधवार को सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही समय बाद विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कई सदस्य अपनी सीटों से उठकर वेल में पहुंचे और हाथों में प्लेकार्ड लेकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। लगातार हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

नियमों का पालन करने की अपील

सभापति ने विपक्षी सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने और संसदीय परंपराओं का सम्मान करने की अपील की। हालांकि उनकी अपील के बावजूद नारेबाजी जारी रही, जिसके चलते सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी।

कई मुद्दों पर विपक्ष का प्रदर्शन

मानसून सत्र के दौरान विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेर रहा है। लगातार विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी के कारण प्रश्नकाल और शून्यकाल की कार्यवाही भी प्रभावित हो रही है।