नई दिल्ली/कोलंबो/काठमांडू | 6 अगस्त 2026
भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के बीच एक बार फिर भारत-नेपाल संबंध चर्चा में हैं। भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री के श्रीलंका दौरे की तस्वीरें सामने आने के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के पहले अपनाए गए प्रोटोकॉल वाले रुख पर सवाल उठने लगे हैं।
श्रीलंका में उच्चस्तरीय मुलाकातें
भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कोलंबो दौरे के दौरान श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूरिया, विदेश मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस बैठक में द्विपक्षीय परियोजनाओं, पुनर्निर्माण सहयोग, मछुआरों के मुद्दे और भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
नेपाल दौरा पहले हो चुका था स्थगित
मई 2026 में भारतीय विदेश सचिव का प्रस्तावित नेपाल दौरा स्थगित हो गया था। रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री बालेन शाह ने विदेश मंत्री से नीचे रैंक वाले विदेशी अधिकारियों से अलग-अलग मुलाकात नहीं करने की नीति अपनाई थी। इसी कारण भारत के साथ प्रस्तावित उच्चस्तरीय संवाद टल गया था।यह फैसला नेपाल के भीतर भी चर्चा और आलोचना का विषय बना था।
बाद में बदला रुख
बाद में जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री बालेन शाह ने अपने रुख में नरमी दिखाते हुए भारत और चीन के राजदूतों से अलग-अलग मुलाकात की। इसके बावजूद मई में हुआ प्रोटोकॉल विवाद अब भी भारत-नेपाल संबंधों की चर्चा में बना हुआ है।
फिर रिश्ते सुधारने की उम्मीद
इसी महीने भारतीय सेना प्रमुख धीरज सेठ नेपाल के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। इस दौरान नेपाल के शीर्ष नेतृत्व से उनकी मुलाकात की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को नई गति देने में अहम भूमिका निभा सकता है।




