नई दिल्ली, 7 अगस्त 2026 : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत से हुए वर्चुअल मीडिया संबोधन के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक बयानबाजी तेज हो गई है। बांग्लादेश द्वारा कड़ी आपत्ति जताए जाने के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि संबंधित कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्थान द्वारा आयोजित किया गया था और भारत सरकार का उससे कोई संबंध नहीं था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि कार्यक्रम में व्यक्त किए गए विचार भारत सरकार के नहीं हैं। उन्होंने साफ किया कि सरकार ने न तो इस कार्यक्रम का आयोजन किया और न ही उसमें दिए गए बयानों का समर्थन किया।

MEA ने क्या कहा ?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि शेख हसीना का संबोधन पूरी तरह एक निजी मीडिया प्लेटफॉर्म का कार्यक्रम था। भारत सरकार की उसमें कोई भूमिका नहीं थी और न ही सरकार उस मंच से व्यक्त विचारों का समर्थन करती है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई ?

हाल ही में शेख हसीना ने भारत से एक वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर कई टिप्पणियां कीं। उन्होंने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की इच्छा जताई और लोकतंत्र की बहाली का दावा किया। उनके बयान के बाद ढाका ने भारत के समक्ष आधिकारिक विरोध दर्ज कराया।

बांग्लादेश ने क्या कहा ?

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की धरती का इस्तेमाल उनके देश के खिलाफ राजनीतिक बयानबाजी के लिए नहीं होना चाहिए। ढाका ने इसे द्विपक्षीय संबंधों के लिए संवेदनशील मुद्दा बताते हुए शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग भी दोहराई।

भारत का आधिकारिक रुख

भारत ने स्पष्ट किया कि निजी मंचों पर आयोजित कार्यक्रमों और उनमें व्यक्त विचारों को भारत सरकार का आधिकारिक रुख नहीं माना जा सकता। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि सरकार का इस कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं था।