नई दिल्ली | 27 जुलाई 2026

भगवान शिव को समर्पित पवित्र श्रावण मास में देशभर में भक्त महादेव की पूजा, जलाभिषेक और व्रत कर रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन महीने में सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। हालांकि, इस पावन महीने में पूजा-पाठ के साथ कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी माना गया है। मान्यता है कि सावन में की गई छोटी-सी गलती भी पूजा के शुभ प्रभाव को कम कर सकती है।

तामसिक भोजन का सेवन न करें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन महीने में लहसुन, प्याज, मांस, अंडा और शराब जैसे तामसिक पदार्थों से दूरी बनानी चाहिए। इस दौरान सात्विक भोजन करने से शरीर और मन की शुद्धता बनी रहती है।

खंडित या अशुद्ध बेलपत्र न चढ़ाएं

भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय माना जाता है। शिवलिंग पर हमेशा साफ, हरे और सही आकार वाले बेलपत्र ही अर्पित करने चाहिए। कटे-फटे, सूखे या कीड़े लगे बेलपत्र चढ़ाने से बचने की सलाह दी जाती है।

क्रोध और नकारात्मक विचारों से बचें

सावन केवल पूजा का नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि का महीना भी माना जाता है। इसलिए इस दौरान क्रोध, अपशब्दों का प्रयोग और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए। शांत मन से की गई भक्ति को अधिक फलदायी माना जाता है।

नियमित जलाभिषेक करें

सावन में सुबह स्नान के बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करना शुभ माना जाता है। श्रद्धालु तांबे के पात्र से जल या गंगाजल अर्पित कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।

शिव मंत्रों का जाप करें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रावण मास में महामृत्युंजय मंत्र और "ॐ नमः शिवाय" जैसे मंत्रों का जाप विशेष फलदायी माना जाता है। श्रद्धा और नियम के साथ की गई साधना मन को शांति प्रदान करती है।

सात्विक भोजन और व्रत का पालन करें

जो भक्त सावन सोमवार का व्रत रखते हैं, उन्हें फलाहार या सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए। इससे शरीर और मन दोनों को संयमित रखने में मदद मिलती है।

दान-पुण्य और सेवा करें

सावन महीने में जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और आवश्यक वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही पशु-पक्षियों के प्रति दया और सेवा भाव रखना भी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में भक्ति के साथ संयम, सकारात्मक सोच और अच्छे कर्मों का पालन करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।