अयोध्या | 23 जुलाई 2026

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में राम मंदिर के धार्मिक और प्रशासनिक संचालन से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में हुई बैठक में श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, पूजा व्यवस्था, प्रशासनिक ढांचे और मंदिर प्रबंधन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

पांच संतों के निर्देशन में होंगे धार्मिक अनुष्ठान

बैठक में निर्णय लिया गया कि अब राम मंदिर में सभी धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पद्धति और परंपरागत धार्मिक कार्य पांच वरिष्ठ संतों के निर्देशन में संपन्न होंगे। ट्रस्ट का कहना है कि इससे मंदिर की धार्मिक मर्यादा, वैदिक परंपरा और पूजा-विधि की शुद्धता को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

धार्मिक समिति के अध्यक्ष के रूप में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि को जिम्मेदारी सौंपी गई है। समिति में जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ, महंत दिनेंद्र दास और महंत कमलनयन दास को सदस्य बनाया गया है।

श्रावण मास में श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष फोकस

ट्रस्ट ने श्रावण मास में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए दर्शन व्यवस्था को और बेहतर बनाने का निर्णय लिया है। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, बैरिकेडिंग, कतार व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की योजना तैयार की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन मिल सकें।

प्रशासनिक व्यवस्था भी होगी मजबूत

बैठक में मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को और प्रभावी बनाने पर भी सहमति बनी। ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने, चढ़ावे की गणना प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने तथा रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां करने का निर्णय लिया।

परंपरा और सुशासन दोनों पर जोर

ट्रस्ट का मानना है कि राम मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से धार्मिक समिति के गठन और प्रशासनिक सुधारों को मंजूरी दी गई।