नई दिल्ली | 8 अगस्त 2026
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए भारत-इजरायल संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। दोनों नेताओं के बीच एक दिन पहले फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें पश्चिम एशिया के हालात और भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को लेकर चर्चा हुई। इस बीच नेतन्याहू ने शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी की सोशल मीडिया पोस्ट को शेयर करते हुए उन्हें अपना दोस्त बताया। इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की बात कही।
नेतन्याहू ने PM मोदी को कहा- ‘मेरे दोस्त, धन्यवाद’
प्रधानमंत्री मोदी की पोस्ट को साझा करते हुए बेंजामिन नेतन्याहू ने लिखा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर इजरायल और भारत के बीच संबंधों को और मजबूत करते रहेंगे। नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर है।
मोदी-नेतन्याहू के बीच फोन पर क्या हुई बात ?
प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले सोशल मीडिया पर जानकारी दी थी कि उन्हें इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू का फोन आया था। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में हालिया घटनाक्रम पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल विशेष रणनीतिक साझेदारी के तहत हुई प्रगति की भी समीक्षा की। साथ ही दोनों देशों के आपसी हित से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए दोनों नेता
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मोदी और नेतन्याहू ने पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम पर विचार-विमर्श किया। दोनों नेता लगातार संपर्क में बने रहने पर भी सहमत हुए।भारत और इजरायल के बीच रक्षा, तकनीक, व्यापार और रणनीतिक सहयोग समेत कई क्षेत्रों में संबंध हैं। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच नियमित बातचीत को इन संबंधों की मजबूती के लिहाज से अहम माना जाता है।
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच बढ़ीं निगाहें
पीएम मोदी और नेतन्याहू की बातचीत ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है। क्षेत्र में जारी घटनाक्रम के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। पश्चिम एशिया में किसी भी बड़े घटनाक्रम का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।भारत लगातार क्षेत्रीय घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और संबंधित देशों के साथ राजनयिक संपर्क जारी रखे हुए है।




