नई दिल्ली, 5 अगस्त 2026 ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विभिन्न देशों से मिले राष्ट्रीय सम्मानों को लेकर पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि इन सम्मानों को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह भारत के बढ़ते वैश्विक कद, कूटनीतिक प्रभाव और रणनीतिक महत्व की मान्यता हैं।
क्या बोले कंवल सिब्बल ?
कंवल सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि किसी भी देश द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान केवल किसी व्यक्ति को नहीं, बल्कि उस देश के साथ उसके संबंधों और नेतृत्व के माध्यम से प्रतिनिधित्व करने वाले राष्ट्र को भी सम्मानित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भारत और उसकी नीतियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए ऐसे सम्मान भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को भी दर्शाते हैं।
द्विपक्षीय संबंधों का भी होता है महत्व
पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल के अनुसार, ऐसे राष्ट्रीय पुरस्कार केवल औपचारिक सम्मान नहीं होते, बल्कि वे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय सहयोग और अंतरराष्ट्रीय मामलों में योगदान की भी मान्यता होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन सम्मानों को किसी प्रतियोगिता या व्यक्तिगत उपलब्धि की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।
30 से अधिक देशों से मिल चुके हैं सम्मान
एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2014 से अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 30 से अधिक देशों द्वारा राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किए जा चुके हैं। इस विषय पर पूर्व राजनयिक विवेक काटजू ने भी एक लेख में इसे भारत की कूटनीतिक उपलब्धियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया है।




