नई दिल्ली, 10 अगस्त 2026 : भारत इस साल 15 अगस्त को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ध्वजारोहण के बाद देश को संबोधित करेंगे। इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक खास ऐतिहासिक पहल देखने को मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन से पहले लाल किले की प्राचीर से पहली बार ‘वंदे मातरम’ का गायन किया जाएगा। इस साल ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस समारोह को इस ऐतिहासिक उपलब्धि से भी जोड़ा गया है।

समारोह कई मायनों में होगा खास

इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस समारोह कई मायनों में खास होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और इसके बाद देश को संबोधित करेंगे। उनके संबोधन से पहले ‘वंदे मातरम’ की प्रस्तुति होगी। यह पहली बार होगा जब लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन से पहले राष्ट्रीय गीत का गायन किया जाएगा। आयोजन के जरिए ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्षों की यात्रा और स्वतंत्रता आंदोलन में इसके योगदान को याद किया जाएगा।

‘युवा शक्ति’ होगी समारोह की थीम

इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम ‘युवा शक्ति’ रखी गई है। इसमें देश की युवा आबादी की भूमिका और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं के योगदान को प्रमुखता से सामने रखा जाएगा। सरकार की ओर से युवाओं को देश के विकास, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण भाग बताया जा रहा है।

‘वंदे मातरम’ को लेकर संसद में भी बड़ा फैसला

‘वंदे मातरम’ को लेकर हाल ही में संसद में भी एक महत्वपूर्ण विधायी कदम उठाया गया है। संसद ने राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक पारित किया है। प्रस्तावित कानूनी प्रावधानों के तहत ‘वंदे मातरम’ के अपमानजनक कृत्यों के खिलाफ कानूनी सुरक्षा का प्रावधान किया गया है। साथ ही राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रीय गान के समान कानूनी दर्जा देने की बात कही गई है।

लाल किले की सुरक्षा के लिए हाईटेक इंतजाम

15 अगस्त के कार्यक्रम को देखते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। लाल किले और आसपास के इलाकों में कई स्तरों पर सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस संदिग्ध और वांछित लोगों की पहचान के लिए ‘अभिज्ञान’ ऐप और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। लाल किले के आसपास सुरक्षा जांच, निगरानी और भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को लेकर पूरी तरह सतर्क रहेंगी।