नई दिल्ली | 23 जुलाई 2026
देशभर में NEET पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा बयान दिया है। CJP के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर पिछले 34 दिनों से जारी प्रदर्शन और विभिन्न राज्यों में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों की जल्द सुनवाई और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की बात भी कही। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में लोगों का भरोसा बहाल करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना बताया गया है।
'युवाओं का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता'
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने लिखा कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा और जो लोग परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
देशभर में जारी है विरोध प्रदर्शन
NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई राज्यों में छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हाल के दिनों में दिल्ली और पटना सहित कई शहरों में छात्र आंदोलन सुर्खियों में रहा है।
सरकार के रुख पर टिकी नजर
प्रधानमंत्री के इस बयान को पूरे विवाद पर केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया माना जा रहा है। अब छात्रों और विपक्ष की निगाह इस बात पर रहेगी कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और पेपर लीक मामलों में कार्रवाई को लेकर सरकार आगे क्या कदम उठाती है।




