नई दिल्ली | 25 जुलाई 2026
NEET पेपर लीक विवाद और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आंदोलनरत छात्र नेताओं से मिलने पहुंचे। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे AISA के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया और केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
'सरकार छात्रों की बात सुनने को तैयार नहीं'
मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से कहा कि छात्र कई दिनों से पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार गड़बड़ियां सामने आने के बावजूद सरकार जवाबदेही तय करने से बच रही है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई
राहुल गांधी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उनके अनुसार, जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक छात्रों का भरोसा बहाल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन देने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
घायल छात्रों का मुद्दा भी उठाया
प्रेस वार्ता के दौरान राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई में घायल हुए छात्रों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर बल प्रयोग के आरोप सामने आए हैं। राहुल ने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
छात्रों की तीन प्रमुख मांगें
राहुल गांधी ने बताया कि आंदोलनरत छात्र तीन प्रमुख मांगों पर अड़े हैं। पहली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। दूसरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे घटनाक्रम पर देश से माफी मांगें। तीसरी, प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और सरकार को टकराव की बजाय संवाद का रास्ता अपनाकर इस विवाद का समाधान निकालना चाहिए। राहुल गांधी ने भरोसा दिलाया कि विपक्ष छात्रों की मांगों को संसद और सड़क दोनों जगह मजबूती से उठाता रहेगा।




