नई दिल्ली | 28 जुलाई 2026: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के बाद अब बिहार में भी बड़े प्रदर्शन की तैयारी शुरू हो गई है। छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने 31 जुलाई को बिहार में पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। हालांकि इस प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा या समर्थन सामने नहीं आया है।
AISA ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया ऐलान
दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा ने कहा कि जिस तरह का आंदोलन जंतर-मंतर पर हुआ था, उसी तरह का विरोध प्रदर्शन अब बिहार में भी आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई को राज्यभर में छात्र अपने मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करेंगे।
बिहार की रहने वाली हैं AISA नेता नेहा
नेहा ने कहा कि वह बिहार की रहने वाली हैं और राज्य में छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई से परिचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पटना, सीवान और अन्य स्थानों पर प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती बरती गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। इन आरोपों पर संबंधित प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
घायल छात्रों का भी किया जिक्र
AISA की ओर से दावा किया गया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए कुछ छात्र अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। संगठन का आरोप है कि विभिन्न राज्यों में आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ गिरफ्तारी, हिरासत और मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा के अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय इकाई की सचिव अंजलि, फूड वॉलंटियर एम. जुनैद और अधिवक्ता माणिक गुप्ता भी मौजूद रहे। संगठन ने आरोप लगाया कि आंदोलन से जुड़े कई छात्र और कार्यकर्ता अब भी जेल में हैं।
सरकार से AISA की मांग
AISA ने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की है कि छात्रों और युवा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए, हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया जाए और छात्रों के मुद्दों पर संवाद शुरू किया जाए।
CJP की भूमिका पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं
हालांकि सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इस प्रदर्शन को कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन खबर लिखे जाने तक CJP या उसके नेतृत्व की ओर से 31 जुलाई के प्रस्तावित बिहार प्रदर्शन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
वहीं, बिहार प्रशासन की ओर से भी प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।




