नई दिल्ली, 7 अगस्त 2026 : तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा को फेसबुक पोस्ट से जुड़े एक आपराधिक मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सर्वोच्च अदालत ने पुलिस जांच के दौरान वर्चुअल माध्यम से पेश होने की उनकी मांग खारिज कर दी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि केवल सांसद होने के आधार पर किसी को विशेष छूट नहीं दी जा सकती।
वर्चुअल पेशी की मांग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में विरोध और आलोचना का सामना करना पड़ता है। शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की कि राजनीति में आने के बाद इस तरह की परिस्थितियों से घबराने का आधार नहीं बनाया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ?
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा दी थी। ऐसे में केवल विरोध प्रदर्शन या अंडे फेंके जाने की आशंका के आधार पर वर्चुअल पेशी की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की याचिकाएं सामान्य परिस्थितियों में स्वीकार नहीं की जा सकतीं।
महुआ मोइत्रा की दलील
महुआ मोइत्रा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत में कहा कि उनकी मुवक्किल के खिलाफ फेसबुक पोस्ट को लेकर एफआईआर दर्ज है। उन्होंने दलील दी कि पिछली बार पुलिस के सामने पेश होने के दौरान उनके खिलाफ प्रदर्शन हुआ था और अंडे फेंके गए थे। इसी वजह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ की अनुमति देने की मांग की गई।
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों ठुकराई याचिका ?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कलकत्ता हाई कोर्ट पहले ही महुआ मोइत्रा को जांच एजेंसी के साथ सहयोग करने का निर्देश दे चुका है। हाई कोर्ट के आदेश का पालन करना जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि यदि वह जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित नहीं होती हैं तो इसके कानूनी परिणाम उन्हें स्वयं भुगतने होंगे।
क्या है पूरा मामला ?
यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद सोशल मीडिया पर किए गए एक फेसबुक पोस्ट से जुड़ा है। एक भाजपा नेता की शिकायत पर महुआ मोइत्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पिछले महीने कलकत्ता हाई कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत तो दी थी, लेकिन साथ ही 14 अगस्त को जांच अधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश भी दिया था।
आगे क्या होगा ?
सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद अब महुआ मोइत्रा को कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार निर्धारित तारीख पर जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना होगा। जबकि मामले की आगे की जांच पुलिस द्वारा जारी रहेगी।




