नई दिल्ली | 31 जुलाई 2026
सरकारी भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाए गए पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के बाद विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इसका स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह कानून देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और निष्पक्ष बनाएगा।
एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर कहा कि नए संशोधन में समयबद्ध जांच, विशेष लोक अभियोजक, फास्ट-ट्रैक अदालत और त्वरित अपील जैसी व्यवस्थाओं का प्रावधान किया गया है। उनके अनुसार, यह कानून सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कानूनी ढांचे को और मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश के युवाओं और उनकी मेहनत की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा यह विधेयक ईमानदार अभ्यर्थियों के हितों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
किरेन रिजिजू ने भी जताई खुशी
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी विधेयक पारित होने पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए यह कानून बेहद जरूरी था और इसे जल्द लागू किया जाएगा ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
सजा और जुर्माने के प्रावधान हुए सख्त
संशोधित कानून में पेपर लीक और परीक्षा में धांधली से जुड़े अपराधों पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसके तहत आर्थिक दंड बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये तक किया गया है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त सजा, समयबद्ध जांच और फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की व्यवस्था शामिल की गई है।राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह विधेयक कानून का रूप ले लेगा।




