नई दिल्ली | 3 अगस्त 2026
महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े बहुचर्चित मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी कर दिया। फैसला सुनाए जाने से पहले बृजभूषण शरण सिंह अदालत पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वे अदालत के फैसले का पूरा सम्मान करेंगे।
फैसले के बाद क्या बोले बृजभूषण सिंह ?
अदालत से राहत मिलने के बाद पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि जिस दिन उन पर आरोप लगाए गए थे, उसी दिन उन्होंने कहा था कि यदि आरोप साबित होते हैं तो वह हर हाल में कड़ी से कड़ी सजा स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा कि अदालत ने उन्हें बरी कर दिया है और यह उनके लिए और उनके समर्थकों के लिए बड़ी खुशी का दिन है।
2024 में कट गया था लोकसभा टिकट
महिला पहलवानों के आरोपों के बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने कैसरगंज सीट से बृजभूषण शरण सिंह को टिकट नहीं दिया था। उनकी जगह पार्टी ने उनके बेटे करण भूषण सिंह को उम्मीदवार बनाया था, जिन्होंने चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की।
अब आगे क्या?
अदालत के फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या बृजभूषण शरण सिंह भविष्य में फिर से सक्रिय चुनावी राजनीति में लौटेंगे। इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या वे भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) में फिर किसी भूमिका में नजर आएंगे। हालांकि, इस संबंध में अभी तक बृजभूषण शरण सिंह या संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन देखना होगा कि आगे क्या बृजभूषण शरण सिंह एकबार फिर से सक्रिय राजनीति में लौटते हैं या फिर राजनीति से दूर सामाजिक कार्यों में ही आगे भी संलिप्त रहते हैं।




