भोपाल, 3 अगस्त 2026 :

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान सामने आया है। जब शुरुआती रुझानों में कांग्रेस उम्मीदवार निर्णायक बढ़त बनाते दिखाई दिए, तब नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अब उन्हें किसी पद की कोई इच्छा नहीं है और उनकी राजनीति का "पटाक्षेप" हो चुका है।

एक टीवी चैनल से बातचीत में नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उन्होंने कभी राज्यसभा या लोकसभा का टिकट नहीं मांगा। उन्होंने केवल विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी, लेकिन पार्टी ने किसी अन्य उम्मीदवार को मौका दिया।

उन्होंने कहा, "मैं 30 साल विधायक रहा हूं और 15 साल मंत्री के रूप में पार्टी और सरकार की सेवा की है। अब मुझे किसी पद की कोई इच्छा नहीं है। मेरी राजनीति का पटाक्षेप हो गया है। मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि पार्टी मुझे एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में जिम्मेदारी देती रहे।"

पार्टी ने हमेशा जिम्मेदारी दी

नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में भी पार्टी ने उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां दीं। उन्हें ज्वाइनिंग टोली का संयोजक बनाया गया और दिल्ली तथा महाराष्ट्र जैसे राज्यों के चुनावों में संगठनात्मक कार्य के लिए भेजा गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वह संगठन के निर्देशों के अनुसार कार्य करते रहेंगे।

दतिया में फिर मुश्किल में बीजेपी

दतिया विधानसभा सीट पर मतगणना के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार लगातार बढ़त बनाए हुए हैं। यदि यही रुझान अंतिम परिणाम में बदलता है तो यह लगातार दूसरी बार होगा जब बीजेपी इस सीट पर जीत दर्ज नहीं कर पाएगी। साल 2023 के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी दतिया सीट गंवा चुकी थी। उपचुनाव को पार्टी के लिए वापसी का अवसर माना जा रहा था, लेकिन शुरुआती रुझानों ने मुकाबले को कांग्रेस के पक्ष में झुका दिया है।

शिवराज सरकार के प्रमुख चेहरों में रहे मिश्रा

नरोत्तम मिश्रा लंबे समय तक मध्य प्रदेश की राजनीति के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान की सरकार में उन्होंने गृह मंत्री सहित कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली। संगठन और सरकार दोनों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। हालांकि, पिछले विधानसभा चुनाव के बाद उनकी सक्रिय राजनीतिक भूमिका सीमित होती दिखाई दी है। अब दतिया उपचुनाव के बीच आया उनका यह बयान प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है। वहीं सभी की निगाहें मतगणना के अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि दतिया सीट पर इस बार किस दल का कब्जा होगा।