मुंबई। 7 अगस्त 2026 : महाराष्ट्र सरकार ने कट्टरपंथी और आतंकी प्रचार सामग्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 114 किताबों, मैगजीन, ट्रेनिंग मैनुअल और डिजिटल कंटेंट को जब्त करने का आदेश जारी किया है। सरकार का कहना है कि इस तरह की सामग्री युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और आतंकी संगठनों के प्रचार के लिए इस्तेमाल की जा रही थी।
गृह विभाग ने जारी किया आदेश
राज्य गृह विभाग ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 98(1) के तहत यह कार्रवाई की है। यह फैसला महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) की रिपोर्ट और खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर लिया गया है। राज्य सरकार के अनुसार जांच में सामने आया कि प्रतिबंधित संगठन किताबों,पत्रिकाओं व डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए चरमपंथी विचारधारा का प्रचार कर रहे थे।
युवाओं को कट्टरपंथ से बचाने की पहल
सरकारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इस तरह का साहित्य युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें चरमपंथी संगठनों की ओर आकर्षित करता है। इसे देखते हुए ऐसे सभी प्रकाशनों और डिजिटल सामग्री को जब्त करने का निर्णय लिया गया है। महाराष्ट्र ATS ने इससे पहले सरकार को रिपोर्ट भेजकर इस सामग्री के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की सिफारिश की थी।
किन संगठनों से जुड़ी सामग्री शामिल ?
कार्रवाई के दायरे में कई प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़ा साहित्य शामिल है, जिनमें—
इस्लामिक स्टेट (ISIS)
हिज्ब-उल-मुजाहिद्दीन
अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS)
इन संगठनों से जुड़ी पत्रिकाएं, प्रचार सामग्री, ट्रेनिंग गाइड और डिजिटल दस्तावेज जब्ती सूची में शामिल किए गए हैं।
इन प्रकाशनों पर भी कार्रवाई
सरकार द्वारा जब्त की गई प्रमुख सामग्री में शामिल हैं—
Voice of Khorasan के 45 संस्करण
The Revolutionary Resurgence के 17 संस्करण
Kashmir Kifah – Resilience and Courage के 10 संस्करण
The Soul of Resistance के 7 संस्करण
Nawai Ghazwa-e-Hind के 13 संस्करण
इसके अलावा कई डिजिटल ऑडियो-वीडियो और ऑनलाइन प्रचार सामग्री को भी प्रतिबंधित सूची में शामिल किया गया है।
ट्रेनिंग मैनुअल भी जब्त
सरकार ने कई ऐसे दस्तावेज और ट्रेनिंग मैनुअल भी जब्त करने का आदेश दिया है, जिनमें विस्फोटक बनाने, सुरक्षा एजेंसियों से बचने और आतंकी गतिविधियों से जुड़े निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी सामग्री राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
सुरक्षा एजेंसियों को मिलेगी मदद
गृह विभाग का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों को प्रतिबंधित साहित्य के प्रसार और उसे रखने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने में आसानी होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में कट्टरपंथ और आतंकी प्रचार के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा।




