पटना | 6 जुलाई 2026

बिहार सरकार ने आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 14 जुलाई 2026 से राजधानी पटना में राज्य स्तरीय ‘सहयोग कार्यक्रम’ की शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन लोगों की शिकायतों को सीधे सुनना है, जिन्हें जिला स्तर पर आयोजित जनसुनवाई, सहयोग शिविर या प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद न्याय नहीं मिल पाया है।

सरकार का मानना है कि कई मामलों में स्थानीय प्रशासन की लापरवाही या ढिलाई के कारण लोगों की समस्याएं लंबे समय तक लंबित रहती हैं। ऐसे मामलों की अब मुख्यमंत्री स्वयं समीक्षा करेंगे और संबंधित अधिकारियों से जवाब भी मांगेंगे।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद मिलेगा अवसर

इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इच्छुक नागरिकों को बिहार सरकार के आधिकारिक सहयोग पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करते समय जिला स्तर पर पहले किए गए आवेदन का रेफरेंस नंबर और पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा।

मोबाइल पर भेजे गए OTP के सत्यापन के बाद ही आवेदन स्वीकार किया जाएगा। सभी आवेदनों की जांच के बाद चयनित लोगों को एसएमएस के माध्यम से कार्यक्रम की तारीख, समय और स्थान की जानकारी भेजी जाएगी।

प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश

राजनीतिक जानकार इस पहल को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। माना जा रहा है कि यदि किसी अधिकारी ने शिकायतों के निपटारे में लापरवाही बरती होगी तो मामला सीधे मुख्यमंत्री के सामने पहुंचेगा, जिससे जिला प्रशासन पर जिम्मेदारी और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से आम लोगों का भरोसा मजबूत होगा और प्रशासनिक स्तर पर लंबित मामलों के त्वरित समाधान में भी मदद मिलेगी। बिहार सरकार इसे सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है।