गंगटोक/मॉस्को, 7 जुलाई। सिक्किम की युवा पर्वतारोही शेरिंग चोडेन ने रूस स्थित माउंट एल्ब्रस पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर भारत और अपने राज्य का गौरव बढ़ाया है। यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माने जाने वाले 5,642 मीटर ऊंचे माउंट एल्ब्रस पर उन्होंने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 7:30 बजे पहुंचकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
यूरोप की सबसे ऊंची चोटी पर सफलता
माउंट एल्ब्रस पर चढ़ाई विश्व के कठिन पर्वतारोहण अभियानों में गिनी जाती है। अत्यधिक ठंड, तेज हवाओं और बर्फ से ढकी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद शेरिंग चोडेन ने सफलतापूर्वक शिखर तक पहुंचकर अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और उत्कृष्ट पर्वतारोहण कौशल का परिचय दिया।
सेवन समिट्स मिशन की ओर मजबूत कदम
इससे पहले शेरिंग चोडेन ने अगस्त 2025 में अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर भी सफलतापूर्वक चढ़ाई की थी। अब माउंट एल्ब्रस पर जीत के साथ वे दुनिया के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को फतह करने वाले प्रतिष्ठित 'सेवन समिट्स' अभियान के और करीब पहुंच गई हैं।
सिक्किम और देश के लिए गर्व का क्षण
शेरिंग चोडेन की इस उपलब्धि को सिक्किम के साथ-साथ पूरे देश के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है। उनकी सफलता युवा पर्वतारोहियों, विशेषकर महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। राज्य में खेल और साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में भी इस उपलब्धि को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शेरिंग चोडेन इसी तरह अपने अभियान को जारी रखती हैं, तो आने वाले वर्षों में वे सेवन समिट्स मिशन पूरा कर भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण जगत में और ऊंचा कर सकती हैं।




