प्रिटोरिया, 6 अगस्त : दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जूमा का हालिया भारत दौरा राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है। भारत यात्रा के दौरान भगोड़े कारोबारी गुप्ता ब्रदर्स से उनकी मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने नई दिल्ली में तैनात अपने हाई कमिश्नर अनिल सूकलाल को परामर्श के लिए वापस बुला लिया है। इसके साथ ही सरकार पूर्व राष्ट्राध्यक्षों की विदेश यात्राओं के लिए नए और सख्त प्रोटोकॉल लागू करने की तैयारी में जुट गई है।

गुप्ता ब्रदर्स से मुलाकात पर बढ़ा विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार जैकब जूमा जून 2026 के अंतिम सप्ताह में भारत आए थे। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कारोबारी अजय गुप्ता से मुलाकात की। गुप्ता परिवार पर दक्षिण अफ्रीका में चर्चित 'स्टेट कैप्चर' मामले, मनी लॉन्ड्रिंग, भ्रष्टाचार और राजनीतिक नियुक्तियों में अवैध हस्तक्षेप जैसे गंभीर आरोप हैं। जैकब जूमा के राष्ट्रपति कार्यकाल (2009–2018) के दौरान गुप्ता परिवार से उनके करीबी संबंधों को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। माना जाता है कि इसी विवाद ने उनकी सरकार के खिलाफ व्यापक राजनीतिक संकट पैदा किया था।

हाई कमिश्नर को वापस बुलाया

दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लमोला ने पुष्टि की कि भारत में तैनात हाई कमिश्नर अनिल सूकलाल को सलाह-मशविरे के लिए मुख्यालय वापस बुलाया गया है। सरकार का आरोप है कि जूमा की भारत यात्रा के दौरान राजनयिक प्रोटोकॉल का उचित पालन नहीं किया गया। हालांकि अनिल सूकलाल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है।

सरकार बनाएगी नए प्रोटोकॉल

इस विवाद के बाद दक्षिण अफ्रीका सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व उपराष्ट्रपतियों की विदेश यात्राओं के लिए नया नियामक ढांचा तैयार करने का फैसला किया है। प्रस्तावित नियमों के तहत सरकारी प्रोटोकॉल सुविधा लेने वाले पूर्व राष्ट्राध्यक्षों को यात्रा से पहले सरकार को विस्तृत जानकारी देनी होगी, जिसमें शामिल होंगे—

  • यात्रा का उद्देश्य
  • पूरा कार्यक्रम
  • खर्च का स्रोत
  • मेजबान संस्था या व्यक्ति
  • यात्रा के दौरान आधिकारिक हैसियत

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से विदेश यात्राओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य में किसी भी तरह के विवाद से बचा जा सकेगा।

गुप्ता ब्रदर्स क्यों हैं विवादों में ?

गुप्ता ब्रदर्स —अजय गुप्ता, अतुल गुप्ता और राजेश गुप्ता पर दक्षिण अफ्रीका में सरकारी संस्थाओं पर प्रभाव डालने, अरबों रैंड के कथित घोटाले, मनी लॉन्ड्रिंग और सत्ता के दुरुपयोग जैसे आरोप लगे हैं। इन मामलों की जांच के बाद यह विवाद देश के सबसे चर्चित राजनीतिक घोटालों में शामिल हो गया।

बढ़ सकती है राजनीतिक हलचल

जूमा की भारत यात्रा और गुप्ता ब्रदर्स से मुलाकात के बाद दक्षिण अफ्रीका में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष सरकार से पूरे मामले की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है, जबकि सरकार राजनयिक प्रोटोकॉल को और सख्त बनाने की दिशा में कदम उठा रही है।