बरेली (उत्तर प्रदेश), 5 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश के बरेली में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई पहचान देने के उद्देश्य से तैयार की गई रामायण वाटिका पिछले कई महीनों से उद्घाटन का इंतजार कर रही है। करीब 46 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस भव्य परियोजना का निर्माण कार्य नवंबर 2025 में ही पूरा हो चुका था, लेकिन अब तक इसका औपचारिक लोकार्पण नहीं हो सका है।

शहरवासियों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बरेली दौरे के दौरान इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन होगा, लेकिन प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम में रामायण वाटिका के उद्घाटन या निरीक्षण का कोई उल्लेख नहीं होने से लोगों की उम्मीदें एक बार फिर अधूरी रह गईं।

51 फीट ऊंची वनवासी श्रीराम की प्रतिमा बनी मुख्य आकर्षण

बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) द्वारा रामगंगा नगर आवासीय योजना में लगभग 33 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित रामायण वाटिका का सबसे बड़ा आकर्षण भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची कांस्य (ब्रॉन्ज) प्रतिमा है।

इस प्रतिमा में भगवान श्रीराम को उनके वनवासी स्वरूप में दर्शाया गया है। विशाल प्रतिमा को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास काल की स्मृतियों और उनके आदर्श जीवन को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रतिमा बरेली की नई पहचान बनने के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र भी बन सकती है।

रामायण के वनवास काल को किया गया जीवंत

रामायण वाटिका को केवल एक पार्क के रूप में नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के वनवास काल की सांस्कृतिक यात्रा के रूप में विकसित किया गया है।

यहां माता शबरी आश्रम, चित्रकूट, दंडकारण्य, पंचवटी, पंपा सरोवर और अशोक वाटिका जैसे प्रमुख स्थलों की झलक प्रस्तुत की गई है।

इसके अलावा पूरे परिसर में त्रेतायुग से जुड़े पौधों और वृक्षों का रोपण किया गया है, ताकि पर्यटकों को रामायण काल का प्राकृतिक वातावरण महसूस हो सके।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

बरेली विकास प्राधिकरण का मानना है कि रामायण वाटिका के शुरू होने से बरेली धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित होगा।

यह परियोजना स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने की क्षमता रखती है।

परिसर में भ्रमण पथ, उद्यान, बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की गई हैं ताकि पर्यटक बेहतर अनुभव प्राप्त कर सकें।

शहरवासियों की बढ़ रही है प्रतीक्षा

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण पूरा होने के बावजूद कई महीनों से रामायण वाटिका बंद है। लोग भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा के दर्शन और पूरे परिसर के भ्रमण का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया दौरे से लोगों को उद्घाटन की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं होने से अब फिर नई तारीख का इंतजार शुरू हो गया है।