नई दिल्ली | 29 जुलाई 2026
नई दिल्ली: वैश्विक समुद्री क्षेत्र में भारत ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। BIMCO-ICS Seafarer Workforce Report 2026 के अनुसार, भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा समुद्री नाविक (Seafarer) आपूर्तिकर्ता बन गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक समुद्री कार्यबल में भारत की हिस्सेदारी बढ़कर 12.2 प्रतिशत हो गई है। हालांकि इस सूची में फिलीपींस अब पहले स्थान पर बना हुआ है।
हर पांच वर्ष में प्रकाशित होने वाली यह रिपोर्ट वैश्विक समुद्री उद्योग में नाविकों की मांग और उपलब्धता का सबसे विश्वसनीय आकलन मानी जाती है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में भारतीय नाविकों की संख्या और वैश्विक हिस्सेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
अधिकारी कैडर में भारत की मजबूत पकड़
समुद्री क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके प्रशिक्षित अधिकारी (Officer Cadre) हैं। वर्तमान में भारत दुनिया को 1.4 लाख से अधिक समुद्री अधिकारी उपलब्ध करा रहा है, जो वैश्विक अधिकारी कार्यबल का 13.4 प्रतिशत है।
इसके अलावा, करीब 1.7 लाख भारतीय नाविक दुनिया भर के व्यापारिक जहाजों पर कार्यरत हैं। ये वैश्विक रेटिंग्स वर्कफोर्स का लगभग 11.29 प्रतिशत हिस्सा हैं।
भारतीय नाविकों की बढ़ती भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता, कुशल मानव संसाधन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय नाविकों की बढ़ती स्वीकार्यता के कारण भारत ने यह उपलब्धि हासिल की है। इससे वैश्विक शिपिंग उद्योग में भारत की भूमिका और मजबूत हुई है।
यूक्रेन के बंदरगाह पर फंसे 13 भारतीय नाविक
इस बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला भी सामने आया है। फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया ने दावा किया है कि यूक्रेन के चोर्नोमोर्स्क (Chornomorsk) बंदरगाह पर खड़ा AMIR1 नामक जहाज जोखिम भरी स्थिति में है। यूनियन के अनुसार, जहाज पर कुल 15 चालक दल के सदस्य मौजूद हैं, जिनमें 13 भारतीय नाविक शामिल हैं। संगठन का कहना है कि जहाज के आसपास लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा बना हुआ है।
सरकार से सुरक्षित निकासी की मांग
फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया ने केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। फिलहाल इस मामले में संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।




