नई दिल्ली | 11 जुलाई 2026
भारत की सुरक्षा से जुड़े सबसे संवेदनशील इलाकों में शामिल सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के पूर्व एजेंट लकी बिष्ट ने दावा किया है कि बांग्लादेश के भीतर भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़े कई कथित आतंकी प्रशिक्षण शिविर संचालित किए जा रहे हैं। हालांकि, उनके इन दावों की सरकारी या स्वतंत्र स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गंभीर आरोप
लकी बिष्ट ने सोशल मीडिया पर किए गए अपने दावे में कहा कि बांग्लादेश के विभिन्न क्षेत्रों में कथित तौर पर ऐसे कैंप संचालित हो रहे हैं, जहां पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और कुछ सैन्य अधिकारियों की मदद से आतंकियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्ष 2025 में ISI प्रमुख आसिम मलिक ने बांग्लादेश दौरे के दौरान इन कथित शिविरों का गुप्त दौरा किया था। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज या सरकारी पुष्टि सामने नहीं आई है।
किन इलाकों का किया गया जिक्र?
पूर्व रॉ एजेंट ने अपने दावे में रंगपुर, चटगांव हिल ट्रैक्ट्स, सिलहट और नेत्रोकोना जैसे क्षेत्रों का उल्लेख किया है। उनके अनुसार, इन इलाकों में विभिन्न प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े तत्व सक्रिय हो सकते हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
क्यों महत्वपूर्ण है 'चिकन नेक'?
सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे आमतौर पर 'चिकन नेक' कहा जाता है, पश्चिम बंगाल में स्थित भारत का अत्यंत रणनीतिक भूभाग है। लगभग 22 किलोमीटर चौड़ा यह संकरा गलियारा देश के आठ पूर्वोत्तर राज्यों—अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा—को भारत के मुख्य भूभाग से जोड़ता है। यही वजह है कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से इस क्षेत्र को बेहद संवेदनशील माना जाता है।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
पूर्व रॉ एजेंट के दावों के बाद सुरक्षा संबंधी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय या सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ऐसे मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच और प्रमाणित जानकारी का इंतजार करना आवश्यक है।





