उज्जैन | 11 जुलाई 2026
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की संपत्ति और खजाने का ब्यौरा पहली बार सार्वजनिक किया गया है। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा जारी जानकारी के अनुसार मंदिर के पास विभिन्न बैंकों में 472 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) जमा है। वहीं, वर्षों से श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषणों का अनुमानित मूल्य 300 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। इसके अलावा मंदिर के नाम पर लगभग 90 एकड़ भूमि भी दर्ज है।
दान से लगातार बढ़ रही मंदिर की आय
मंदिर प्रबंधन के अनुसार वर्ष 2024-25 के दौरान महाकाल मंदिर को करीब 142 करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ। इस दान में नकद राशि के अलावा सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य आभूषण भी शामिल हैं। मंदिर समिति का कहना है कि इस आय का उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था, धार्मिक आयोजनों और मंदिर परिसर के विकास कार्यों पर किया जाता है।
सोना-चांदी के भंडार में लगातार इजाफा
जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते वर्ष श्रद्धालुओं ने मंदिर को लगभग 1.48 किलोग्राम सोना और 592 किलोग्राम से अधिक चांदी दान की। लगातार बढ़ रहे दान के कारण मंदिर के खजाने का मूल्य भी हर वर्ष बढ़ता जा रहा है। मंदिर समिति इन बहुमूल्य धरोहरों का सुरक्षित संरक्षण कर रही है।
महाकाल लोक बनने के बाद बढ़े श्रद्धालु
महाकाल लोक परियोजना के विकसित होने के बाद उज्जैन देश और विदेश के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बन गया है। श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि का सीधा असर मंदिर की आय और दान पर भी देखने को मिला है। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विकास कार्यों को और तेज किया जाएगा।
मंदिर समिति का मानना है कि पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से पहली बार मंदिर की चल और अचल संपत्तियों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया गया है, ताकि श्रद्धालु मंदिर की वित्तीय स्थिति और विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकें।




