लखनऊ | 17 जुलाई 2026

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव में करीब 10 महीने का समय शेष है और इसी बीच समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पार्टी इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पिछले 10 वर्षों के शासन की तुलना अपने वर्ष 2012 से 2017 तक के पांच साल के कार्यकाल से करते हुए जनता के बीच जाने की तैयारी में है। सपा का फोकस खासतौर पर पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) वर्ग के मतदाताओं पर रहेगा।

'10 साल बनाम 5 साल' होगा चुनावी अभियान का आधार

पार्टी सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी अपने चुनावी अभियान में भाजपा सरकार के 10 साल के कार्यकाल और अपने पांच साल के शासन की उपलब्धियों की तुलना करेगी। सपा का दावा है कि उसके शासनकाल में युवाओं, किसानों, छात्रों और कर्मचारियों के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई गई थीं, जबकि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में बेरोजगारी, पेपर लीक और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दे लगातार चर्चा में रहे।

राम मंदिर चंदा और बुलडोजर कार्रवाई पर भी साधेगी निशाना

समाजवादी पार्टी अयोध्या राम मंदिर चंदा और चढ़ावा से जुड़े विवाद को भी चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है। पार्टी अवध और पूर्वांचल क्षेत्र में इस विषय को प्रमुखता से उठाने की रणनीति बना रही है। इसके अलावा कथित फर्जी एनकाउंटर, बुलडोजर कार्रवाई और बेगुनाह लोगों पर कार्रवाई जैसे मुद्दों को भी गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने की योजना तैयार की गई है।

PDA वर्ग को साधने के लिए चलेगा विशेष अभियान

पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को जोड़ने के लिए समाजवादी पार्टी 'पीडीए वर्ग पर अत्याचार' शीर्षक से तैयार पुस्तक का प्रदेशभर में वितरण करेगी। पार्टी का आरोप है कि मौजूदा सरकार के दौरान इस वर्ग के लोगों के साथ अन्याय हुआ है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।

अपने कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाएगी सपा

चुनावी प्रचार के दौरान समाजवादी पार्टी अपने शासनकाल की प्रमुख योजनाओं को भी जनता के सामने रखेगी। इनमें छात्रों को लैपटॉप वितरण, बेरोजगारी भत्ता, सरकारी नौकरियों में भर्ती, शिक्षामित्रों को विशेष बीटीसी के माध्यम से शिक्षक बनाने जैसी योजनाओं का उल्लेख किया जाएगा। साथ ही पार्टी भाजपा सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों को भी चुनावी बहस का हिस्सा बनाएगी।

भाजपा ने किया iपलटवार

समाजवादी पार्टी की रणनीति पर भाजपा ने भी जवाब दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि सपा और बसपा सरकारों के समय उत्तर प्रदेश जातिवाद और तुष्टिकरण की राजनीति में उलझा रहा। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई, माफिया पर कार्रवाई हुई, निवेश बढ़ा और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए। भाजपा का कहना है कि जनता विकास और सुशासन के आधार पर एक बार फिर पार्टी पर भरोसा जताएगी।