काठमांडू, 26 अगस्त 2026 : चीन के तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी है। भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने से टिमुरे और स्याब्रुबेसी समेत कई इलाकों में घर, बाजार, पुल व वाहन बाढ़ की चपेट में आ गए। हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की खबर है, जबकि टिमुरे बॉर्डर पोस्ट पर तैनात नौ पुलिसकर्मी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल में बाढ़ के हालात को देखते हुए अब बिहार में भी प्रशासन अलर्ट हो गया है। बिहार के आठ जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच अधिकारियों ने गंडक नदी में तीन मीटर ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की आशंका जताई है।
भोटेकोशी नदी ने मचाई भारी तबाही
रसुवा जिले में अचानक भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ गया। तेज बहाव में कई वाहन और सामान बह गए, जबकि एक पुल भी टूट गया। टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके में कई घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। बाढ़ की चपेट में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी आया है। राहत और बचाव अभियान में नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को लगाया गया है। प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश जारी है।
सात लोगों की मौत, 9 पुलिसकर्मी लापता
बाढ़ और उसके बाद हुए हादसों में अब तक सात लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। टिमुरे बॉर्डर पोस्ट पर तैनात नौ पुलिसकर्मियों के लापता होने की बात कही जा रही है। वहीं, 25 लोगों को सुरक्षित बचाए जाने की जानकारी है। बचाव अभियान के लिए कई हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं। हालांकि, बाढ़ के पानी में स्थानीय हेलिपैड के बह जाने के कारण राहत अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं।
ग्लेशियल झील फटने का शक
नेपाल में पिछले 24 घंटे के दौरान बहुत ज्यादा बारिश नहीं हुई। ऐसे में अचानक आई बाढ़ को लेकर अधिकारियों को Glacial Lake Outburst Flood यानी GLOF की आशंका है। संभावना जताई जा रही है कि तिब्बत में किसी ग्लेशियल झील के फटने के बाद अचानक बड़ी मात्रा में पानी भोटेकोशी नदी में पहुंचा होगा। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कौन-सी ग्लेशियल झील से पानी निकला। इसके लिए सैटेलाइट इमेज और तकनीकी जांच की जा रही है।
क्या होता है GLOF?
ग्लेशियर के पास बनी झील के सामने अक्सर बर्फ, मिट्टी, पत्थर और मलबे की प्राकृतिक बांध जैसी संरचना होती है। अगर यह संरचना कमजोर होकर टूट जाती है, तो झील का पानी अचानक तेज रफ्तार से नीचे की ओर बहता है। इस घटना को Glacial Lake Outburst Flood (GLOF) कहा जाता है।
बिहार के आठ जिलों में हाई अलर्ट
नेपाल में बाढ़ के हालात का असर बिहार में भी पड़ने की आशंका है। आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य के सीमावर्ती और नदी प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
हाई अलर्ट वाले जिलों में शामिल हैं :
- पश्चिमी चंपारण
- पूर्वी चंपारण
- गोपालगंज
- सारण
- मुजफ्फरपुर
- वैशाली
- सीतामढ़ी
- शिवहर
प्रशासन ने इन जिलों में नदियों के जलस्तर और संभावित फ्लैश फ्लड की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
गंडक में 3 मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड का खतरा
नेपाल से आने वाली नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण बिहार में गंडक नदी को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग ने गंडक में करीब 3 मीटर ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की आशंका जताई है। इसके अलावा कोसी और बागमती के कैचमेंट इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई गई है। अधिकारियों को निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा गया है।
NDRF और SDRF की टीमें अलर्ट
बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए बिहार में NDRF और SDRF की अतिरिक्त टीमें तैनात की जा रही हैं। गोपालगंज में NDRF टीम भेजने की तैयारी है, जबकि मुजफ्फरपुर में टीम को स्टैंडबाय पर रखा गया है। बेतिया में भी जरूरत के अनुसार टीम की तैनाती की जाएगी। प्रशासन ने जरूरत पड़ने पर नाव, राहत शिविर और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था करने की तैयारी की है।
नेपाल से बिहार तक कैसे पहुंचता है बाढ़ का असर ?
भोटेकोशी नदी तिब्बत से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है और आगे चलकर सुनकोशी नदी में मिलती है। सुनकोशी आगे सप्तकोशी यानी कोसी नदी का हिस्सा बनती है, जो नेपाल से निकलकर बिहार में प्रवेश करती है। इसी वजह से नेपाल में आने वाली बाढ़ का असर downstream इलाकों में पड़ने की आशंका रहती है। हालांकि बिहार में वास्तविक प्रभाव कितना होगा, यह नदियों के जलस्तर और आने वाले घंटों की स्थिति पर निर्भर करेगा।
पिछले साल भी आई थी भोटेकोशी में बाढ़
भोटेकोशी नदी में पिछले साल भी भीषण बाढ़ आई थी। उस दौरान नेपाल में भारी नुकसान हुआ था। कई लोगों की मौत और लापता होने की खबर सामने आई थी, जबकि नेपाल और चीन को जोड़ने वाला फ्रेंडशिप ब्रिज भी बाढ़ में बह गया था। फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है और बिहार प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। बिहार के सीमावर्ती जिलों में रहने वाले लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और नदी के किनारे जाने से बचने की अपील की गई है।




