मॉस्को, 24 अगस्त 206 : रूस ने अपनी सैन्य तकनीक की एक नई झलक दुनिया के सामने रखी है। रूसी सेना ने बैकपैक से संचालित होने वाली एक पोर्टेबल Laser Rifle का प्रदर्शन किया है। सामने आए वीडियो में रूसी सैनिक इस हथियार से करीब 50 से 100 मीटर की दूरी से बारूदी सुरंगों को निशाना बनाते नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक यह हथियार पारंपरिक गोली या विस्फोटक के बजाय केंद्रित लेजर बीम का इस्तेमाल करता है। इसका उद्देश्य लक्ष्य की सतह पर अत्यधिक गर्मी पैदा कर उसे निष्क्रिय करना है।

बैकपैक से चलती है रूस की लेजर राइफल

सोशल मीडिया पर सामने आए फुटेज में सैनिकों को बड़े बैकपैक से जुड़े पोर्टेबल लेजर सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है। इस सिस्टम को मैनुअल या रिमोट तरीके से संचालित किए जाने की बात कही जा रही है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह सिस्टम 50 से 100 मीटर की दूरी से बारूदी सुरंगों को निशाना बना सकता है। इसकी खासियत यह बताई जा रही है कि लक्ष्य पर लेजर बीम से गर्मी पहुंचाई जाती है, जिससे उसे निष्क्रिय करने की कोशिश की जाती है।

क्या है Laser Weapon की खासियत ?

लेजर हथियारों को Directed Energy Weapons (DEW) की श्रेणी में रखा जाता है। इनमें पारंपरिक गोलियों या मिसाइलों के बजाय केंद्रित ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाता है। लेजर बीम लक्ष्य पर पड़ने के बाद उसकी सतह को तेजी से गर्म कर सकती है। पर्याप्त ऊर्जा मिलने पर लक्ष्य का कोई हिस्सा पिघल या क्षतिग्रस्त हो सकता है। इसी तकनीक का इस्तेमाल भविष्य में ड्रोन और दूसरे सैन्य लक्ष्यों के खिलाफ भी किए जाने की संभावना जताई जाती रही है।

ड्रोन और वाहनों पर भी इस्तेमाल की संभावना

रिपोर्ट के अनुसार, रूस के इस लेजर सिस्टम को रोबोटिक प्लेटफॉर्म के साथ भी इंटीग्रेट किया जा सकता है। इससे इसे वाहनों या अन्य प्लेटफॉर्म पर तैनात करने की संभावना बनती है। इसके कम शोर और सैनिकों को लक्ष्य से कुछ दूरी पर रखने की क्षमता को संभावित फायदे के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, बैकपैक सिस्टम का वजन, लक्ष्य की स्थिरता और वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में इसकी प्रभावशीलता जैसे सवाल अभी बने हुए हैं।

युद्ध के मैदान में कितनी कारगर होगी तकनीक ?

लेजर हथियारों को लेकर दुनिया की कई सैन्य शक्तियां लगातार काम कर रही हैं। ड्रोन और अन्य कम लागत वाले लक्ष्यों के खिलाफ इन हथियारों को भविष्य की सैन्य तकनीक का अहम हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि रूस द्वारा दिखाए गए सिस्टम की वास्तविक क्षमता और युद्धक्षेत्र में प्रदर्शन का स्वतंत्र आकलन अभी बाकी है। ऐसे में वीडियो में दिखाई गई क्षमता को वास्तविक युद्धक प्रभावशीलता का अंतिम प्रमाण मानना जल्दबाजी होगी। रूस की इस नई तकनीक के सामने आने के बाद एक बार फिर Laser Weapons और Future Warfare Technology को लेकर वैश्विक चर्चा तेज हो गई है।