इस्लामाबाद, 23 अक्टूबर 2026 : पाकिस्तान के प्रमुख शहर लाहौर में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंचने से लोगों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार सुबह लाहौर का Air Quality Index (AQI) 344 दर्ज किया गया, जिसके साथ यह दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में पहले स्थान पर आ गया। वहीं, भारत की राजधानी दिल्ली दूसरे नंबर पर पहुंच गई। स्विस वायु गुणवत्ता निगरानी वेबसाइट IQAir की लाइव रैंकिंग के अनुसार सुबह करीब आठ बजे लाहौर की हवा की गुणवत्ता बेहद खराब थी। इश बीच प्रदूषण से बचाव के लिए डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर उपयुक्त मास्क पहनने की सलाह दी है।

PM 2.5 से सेहत को गंभीर खतरा

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि लाहौर की हवा में PM2.5 Particles का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की निर्धारित गाइडलाइन से 57 गुना अधिक था। PM2.5 बेहद सूक्ष्म कण होते हैं, जो सांस के जरिए फेफड़ों की गहराई तक पहुंच सकते हैं। इनके लंबे समय तक संपर्क में रहने से हृदय व फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण के अधिक स्तर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस या हृदय संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

दिल्ली का AQI 244 से घटकर 183 पर आया

रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार सुबह दिल्ली का AQI 244 था। दोपहर तक इसमें गिरावट आई और यह 183 पर पहुंच गया। हालांकि, AQI में उतार-चढ़ाव के बावजूद प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाना जरूरी है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि AQI की श्रेणियां अलग-अलग देशों और निगरानी प्रणालियों में अलग हो सकती हैं। इसलिए किसी शहर की हवा को लेकर निष्कर्ष निकालते समय इस्तेमाल किए गए AQI पैमाने और अपडेट का समय देखना चाहिए।

कोलकाता, कुआलालंपुर और मुंबई भी सूची में

रिपोर्ट के अनुसार दोपहर के आंकड़ों में कोलकाता का AQI 173 बताया गया। मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर का स्तर भी 173, जबकि सिंगापुर का AQI 170 और मुंबई का 162 दर्ज किया गया है। बांग्लादेश की राजधानी ढाका भी प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल थी। चूंकि ये आंकड़े लाइव रैंकिंग पर आधारित हैं, इसलिए समय के साथ शहरों की स्थिति और क्रम बदल सकता है।

प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें ?

  • प्रदूषण बहुत अधिक होने पर बाहर की गतिविधियां सीमित रखें।
  • बाहर निकलना जरूरी हो तो अच्छी फिटिंग वाला N95 या समकक्ष मास्क इस्तेमाल करें।
  • बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
  • आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी या सीने में तकलीफ होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।