पटना, 23 अक्टूबर 2026 : बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन सीटों पर मतदान के बीच राज्य के कई चर्चित नेताओं के वोट नहीं डाल पाने का मुद्दा खूब चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इनमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, हेल्थ मिनिस्टर निशांत कुमार, भाजपा नेता व मंत्री विजय सिन्हा और मंत्री श्रेयसी सिंह समेत कई नेताओं के नाम शामिल हैं। हालांकि सभी के वोट नहीं डाल पाने की वजह एक जैसी नहीं है-कहीं शैक्षणिक पात्रता तो कहीं मतदाता सूची में नाम दर्ज होना अहम है। कुल मिलाकर ये मंत्री व विपक्षी दलों के नेता एमएलसी चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे।
MLC स्नातक चुनाव में वोट देने के क्या हैं नियम ?
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में सामान्य विधानसभा या लोकसभा चुनाव जैसी मतदाता सूची लागू नहीं होती। इसके लिए अलग से स्नातक मतदाता सूची तैयार की जाती है।
- स्नातक की डिग्री : संबंधित नियमों के अनुसार, मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या समकक्ष योग्यता प्राप्त होनी चाहिए और निर्धारित अवधि पूरी होनी चाहिए।
- मतदाता सूची में नाम : संबंधित स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सूची में पंजीकरण अनिवार्य है।
- सिर्फ डिग्री होना पर्याप्त नहीं : उच्च शिक्षा प्राप्त व्यक्ति भी मतदान नहीं कर सकता, अगर उसका नाम संबंधित सूची में दर्ज नहीं है।
- शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र अलग : शिक्षक सीटों के लिए मतदाता बनने की पात्रता और पंजीकरण के नियम अलग हैं।
तेजस्वी यादव और निशांत कुमार क्यों चर्चा में ?
रिपोर्ट में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और जदयू नेता व स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का नाम उन नेताओं में शामिल किया गया है, जो स्नातक मतदाता की पात्रता पूरी नहीं करने के कारण मतदान नहीं कर सके। हालांकि किसी व्यक्ति की शैक्षणिक योग्यता और मतदाता सूची में नाम की स्थिति को आधिकारिक जानकारी से अलग-अलग सत्यापित करना जरूरी है।
कई मंत्रियों के नाम भी सूची में नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार सरकार के कुछ मंत्रियों के नाम संबंधित स्नातक मतदाता सूची में दर्ज नहीं हैं। इनमें विजय सिन्हा, दिलीप जायसवाल, रामकृपाल यादव और श्रेयसी सिंह जैसे नाम प्रमुखता से बताए गए हैं। वहीं कुछ मंत्रियों के पास उच्च शैक्षणिक डिग्रियां होने के बावजूद वे इस चुनाव में मतदान नहीं कर पा रहे हैं। इससे साफ है कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में केवल डिग्री होना ही काफी नहीं, बल्कि संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम होना भी बेहद जरूरी है।
स्नातक मतदाता सूची में नाम कैसे जुड़ता है ?
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए निर्धारित आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होती है। आम तौर पर इसके लिए फॉर्म-18 का इस्तेमाल किया जाता है। पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन की समयसीमा निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार पूरी करनी होती है। बिहार MLC चुनाव में किसी नेता का मतदान नहीं कर पाना अपने आप में राजनीतिक फैसला नहीं है। इसकी वजह शैक्षणिक पात्रता, मतदाता सूची में नाम या संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव न होना हो सकती है। प्रत्येक नेता की स्थिति की पुष्टि आधिकारिक मतदाता सूची और चुनाव संबंधी नियमों से करनी चाहिए।




