मास्को/बीजिंग, 24 अगस्त 2026 : भारत में सितंबर में होने वाले BRICS Summit 2026 से पहले भारतीय कूटनीति एक साथ चीन और रूस पर फोकस करती दिख रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल चीन की यात्रा पर हैं, जहां भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत होनी है। वहीं विदेश मंत्री एस. जयशंकर मॉस्को में भारत-रूस सहयोग को लेकर अहम बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं। इन दोनों दौरों को सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियों और भारत की रणनीतिक प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है।

चीन में डोभाल की अहम बैठक

अजीत डोभाल भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा मुद्दे पर होने वाली बातचीत के 25वें दौर में शामिल होंगे। इस दौरान सीमा विवाद के साथ-साथ दोनों देशों के रिश्तों को स्थिर करने के प्रयासों पर चर्चा होने की संभावना है। डोभाल की यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सितंबर में भारत आने की संभावना को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, उनके दौरे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। भारत लगातार यह रुख दोहराता रहा है कि सीमा पर शांति और स्थिरता के बिना चीन के साथ संबंधों को सामान्य गति देना मुश्किल है।

मॉस्को में जयशंकर की सक्रियता

दूसरी ओर विदेश मंत्री एस. जयशंकर मॉस्को में भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। यहां दोनों देशों के बीच आर्थिक, रक्षा और ऊर्जा सहयोग सहित कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई है। जयशंकर की रूस के शीर्ष नेतृत्व के साथ आगे महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में एक तरफ चीन के साथ सीमा और द्विपक्षीय रिश्तों पर बातचीत और दूसरी तरफ रूस के साथ रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा भारत की बहुस्तरीय कूटनीति को दिखाती है।

सितंबर में BRICS Summit पर सबकी नजर

भारत इस साल BRICS Summit 2026 की मेजबानी कर रहा है। सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में प्रस्तावित है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के इसमें शामिल होने की संभावना के बीच भारत-चीन संबंधों पर खास नजर रहेगी। अगर शी जिनपिंग भारत आते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी संभावित द्विपक्षीय बैठक भी महत्वपूर्ण हो सकती है। डोभाल की बीजिंग यात्रा को इसी संभावित बातचीत की जमीन तैयार करने के लिहाज से भी देखा जा रहा है।

चीन-रूस के बीच संतुलन साध रहा भारत ?

एक ही समय में अजीत डोभाल का चीन दौरा और जयशंकर का रूस दौरा भारत की Strategic Balancing नीति को रेखांकित करता है। भारत जहां एक ओर चीन के साथ सीमा तनाव को कम करने और रिश्तों में स्थिरता लाने की कोशिश कर रहा है, जबकि रूस के साथ लंबे समय से चले आ रहे रक्षा और ऊर्जा संबंधों को मजबूती दे रहा है। आने वाले दिनों में BRICS सम्मेलन, शी जिनपिंग की संभावित भारत यात्रा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रमुख विदेशी यात्राओं के बीच भारत की कूटनीति पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।