इस्लामाबाद, 21 अक्टूबर 2026 : भारत की बढ़ती परमाणु और मिसाइल क्षमता को लेकर पाकिस्तान ने गहरी चिंता जताई है। पाकिस्तान की नेशनल कमांड अथॉरिटी के सलाहकार और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल खालिद किदवई ने कहा है कि दक्षिण एशिया में रणनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए पाकिस्तान परमाणु हथियारों की तैनाती से जुड़े विकल्पों की समीक्षा कर सकता है। इस्लामाबाद में आयोजित नॉन-प्रोलिफरेशन कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए जनरल खालिद किदवई ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में रणनीतिक असंतुलन को स्वीकार नहीं करेगा। उनके मुताबिक, भारत की सैन्य और परमाणु क्षमताओं में हो रहे बदलावों के मद्देनजर पाकिस्तान अपने विकल्पों पर पुनर्विचार कर सकता है।
भारत की पनडुब्बी क्षमता पर पाकिस्तान की नजर
खालिद किदवई ने उन रिपोर्टों का हवाला दिया, जिनमें दावा किया गया है कि भारत ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम पनडुब्बियों के जरिए समुद्र आधारित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया है। उन्होंने मिसाइलों के आधुनिकीकरण और भारत की सैन्य तैयारियों को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि समुद्र में परमाणु प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने से संकट के समय दोनों देशों के बीच गलतफहमी और तनाव बढ़ने का जोखिम पैदा हो सकता है। हालांकि भारत की परमाणु नीति या किसी संभावित हमले को लेकर पाकिस्तान की ओर से जताई गई आशंकाएं उसके अधिकारियों के दावे हैं।
भारत की ‘नो फर्स्ट यूज’ नीति पर सवाल
पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारी सरफराज सत्तार ने भी भारत की मिसाइल क्षमताओं, बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली और आधुनिक हथियारों के विकास पर चिंता जताई है। उन्होंने भारत की घोषित ‘नो फर्स्ट यूज’ यानी पहले परमाणु हथियार इस्तेमाल नहीं करने की नीति पर सवाल भी उठाए। भारत की परमाणु नीति और पाकिस्तान की आशंकाओं के बीच दोनों देशों की सैन्य क्षमताओं को लेकर बहस जारी है। परमाणु हथियारों से जुड़े किसी भी घटनाक्रम में पारदर्शिता, संवाद और संकट प्रबंधन की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है।
दक्षिण एशिया में बढ़ सकता है रणनीतिक तनाव
भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु हथियार संपन्न देश हैं। ऐसे में किसी भी सैन्य घटनाक्रम की गलत व्याख्या या तनाव के दौरान गलत आकलन के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। किदवई का बयान ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान भारत की समुद्र आधारित परमाणु क्षमता और मिसाइल आधुनिकीकरण को लेकर अपनी चिंताएं सार्वजनिक कर रहा है।




