पटना, 29 अगस्त 2026 : नेपाल में लगातार बारिश और बाढ़ के हालात का असर अब बिहार में भी दिखाई दे रहा है। राज्य की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए बिहार में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है, जबकि संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे निगरानी की जा रही है। नेपाल में बारिश रुक-रुककर जारी रहने और वहां बनी दो झीलों को लेकर भी चिंता बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक एक झील से पानी का रिसाव लगातार हो रहा है, जबकि दूसरी का आकार तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में नेपाल से आने वाले पानी का असर बिहार की नदियों पर पड़ने की आशंका पूरी तरह से बनी हुई है।

गंडक नदी पर सबसे ज्यादा नजर

नेपाल से आने वाली गंडक नदी को लेकर बिहार प्रशासन की विशेष निगरानी है। नेपाल की तरफ से पानी के साथ बड़ी मात्रा में मलबा आने की जानकारी है। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग ने प्रमुख तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है। सारण तटबंध समेत दूसरे संवेदनशील इलाकों में इंजीनियरों और अधिकारियों की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। गंडक नदी के डिस्चार्ज की जानकारी नियमित अंतराल पर ली जा रही है। तटबंधों पर कटाव या किसी तरह का दबाव दिखाई देने पर तत्काल कार्रवाई के लिए इंजीनियरों की टीमों को अलर्ट रखा गया है। जिलाधिकारियों और पुलिस-प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

गंगा कई जगह खतरे के निशान से ऊपर

बिहार में गंगा का जलस्तर भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है।

  • गांधीघाट, पटना : खतरे के निशान से करीब 68 सेंटीमीटर ऊपर
  • हाथीदह : करीब 71 सेंटीमीटर ऊपर
  • कहलगांव : करीब 82 सेंटीमीटर ऊपर
  • दीघा घाट और मनेर : जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर

गंगा के बढ़े जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे के इलाकों में भी प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

गंडक, बूढ़ी गंडक और कोसी भी उफान पर

गंडक नदी का जलस्तर भी कई इलाकों में खतरे के निशान से ऊपर है। गोपालगंज के डुमरियाघाट में गंडक 63 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वहीं, खगड़िया में बूढ़ी गंडक का जलस्तर 58 सेंटीमीटर और कोसी के बलतारा में जलस्तर करीब 64 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। इसी तरह कटिहार के कुरसेला में कोसी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बताया गया है।

गंडक क्यों है सबसे संवेदनशील ?

गंडक नदी बिहार की प्रमुख और संवेदनशील नदियों में शामिल है। इसका जलस्तर नेपाल में होने वाली बारिश और वहां से आने वाले पानी से तेजी से प्रभावित होता है। गंडक के बढ़ते जलस्तर का असर पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत कई जिलों पर पड़ सकता है। इसी वजह से गंडक के तटबंधों और नदी के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है।

नेपाल की बारिश ने बढ़ाई चिंता

नेपाल में रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण बिहार में बाढ़ की आशंका पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में बारिश से जलस्तर बढ़ने के साथ भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार नेपाल के गंडक क्षेत्र और नॉर्थ कोयल इलाके में शनिवार को हल्की बारिश हो सकती है। ऐसे में बिहार के नदी तटीय इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है।

अगले 24 घंटे अहम

फिलहाल बिहार में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें संवेदनशील तटबंधों की निगरानी कर रही हैं। नदियों का जलस्तर, नेपाल से आने वाला पानी और बारिश की स्थिति अगले 24 घंटे में अहम रहने वाली है। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल राहत की बात यह है कि प्रशासन अलर्ट मोड पर है, लेकिन नेपाल में बारिश और नदियों के जलस्तर को देखते हुए बिहार में बाढ़ का खतरा पूरी तरह टला नहीं है।