लखनऊ, 23 अगस्त। उत्तर प्रदेश में पीएम पोषण योजना के तहत परिषदीय और सहायता प्राप्त स्कूलों में कार्यरत 3.53 लाख रसोइयों के लिए रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बड़ी घोषणाएं कीं। राजधानी स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित रसोइया सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने मंच से 11 रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए। कार्यक्रम में प्रदेशभर से करीब 1,500 रसोइयों ने सहभागिता की, जबकि जिला और तहसील स्तर पर भी सम्मान समारोह आयोजित किए गए।

मानदेय बढ़ा, सामाजिक सुरक्षा का विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि रसोइयों के लिए सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से कई फैसले किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब रसोइयों का मानदेय बढ़ाया गया है और उनके बैंक खाते खुलवाकर मानदेय सीधे खाते में भेजने की व्यवस्था की जाएगी। दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता देने के लिए दो लाख रुपये के दुर्घटना बीमा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

पांच लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा

रसोइयों के लिए सबसे महत्वपूर्ण घोषणाओं में हर साल पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा शामिल है। मुख्यमंत्री के अनुसार, रसोइया और उनके परिवार के सदस्य निर्धारित इंपैनल्ड अस्पतालों में इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। इससे बीमारी की स्थिति में परिवार पर इलाज के बड़े खर्च का बोझ कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

ड्रेस के लिए मिलने वाली राशि हुई दोगुनी

सरकार ने रसोइयों के ड्रेस से जुड़ी सहायता राशि भी बढ़ाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, साड़ी खरीदने के लिए मिलने वाली राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दी गई है। इसे रसोइयों के सम्मान और कार्यस्थल पर बेहतर सुविधा से जोड़कर देखा जा रहा है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने साधा राजनीतिक निशाना

कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने देसी अंदाज में रसोइयों से संवाद किया। उन्होंने सरकार की ओर से किए गए फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि अब रसोइयों की सुध लेने वाली सरकार मौजूद है। अपने संबोधन में उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया और लोगों से सरकार के कामकाज को ध्यान में रखकर फैसला लेने की अपील की।

रसोइयों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर जोर

सीएम योगी ने कहा कि रसोइये स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार कर उनके स्वास्थ्य और पोषण में योगदान देते हैं। सरकार ने भी अब उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा पर ध्यान देने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि पहले जहां कई जगह लकड़ी पर खाना बनता था, अब 100 प्रतिशत रसोई गैस से भोजन तैयार कराने की व्यवस्था की गई है।