लखनऊ, 21 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर जापान के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने जापान के यामानाशी प्रान्त के गवर्नर कोतारो नागासाकी के साथ भारत-जापान संबंधों, उत्तर प्रदेश में निवेश और दोनों पक्षों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान और भारत की क्षमताएं साथ आती हैं तो इसका लाभ केवल दोनों देशों को नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी दिखाई देगा।
जापान-भारत साझेदारी से बढ़ेंगी नई संभावनाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जापान और भारत की साझा ताकत भविष्य के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी से युवाओं के लिए नए अवसर, निवेश और विकास की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं। इसका प्रभाव ग्लोबल स्टेज पर भी दिखाई देगा।
यूपी में जापानी निवेश पर चर्चा
बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों और सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर विचार साझा किया। उत्तर प्रदेश सरकार जापान के साथ औद्योगिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दे रही है।
सांस्कृतिक रिश्तों का भी किया उल्लेख
योगी आदित्यनाथ ने भारत और जापान के बीच प्राचीन सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध केवल आर्थिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों की सभ्यताओं के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक और वैचारिक जुड़ाव रहा है।
‘वा’ और ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का दिया उदाहरण
मुख्यमंत्री ने जापान के दर्शन ‘वा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह साथ मिलकर आगे बढ़ने और सामंजस्य की भावना को दर्शाता है। वहीं भारत की संस्कृति का ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का विचार पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखने की प्रेरणा देता है।
सहयोग को नई दिशा देने पर जोर
बैठक में दोनों पक्षों के बीच भविष्य में सहयोग को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि भारत और जापान के मजबूत संबंध उत्तर प्रदेश सहित दोनों देशों के विकास में नई भूमिका निभाएंगे। जापानी निवेश और तकनीकी सहयोग से राज्य में औद्योगिक और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।




