12 अगस्त 2026
पीरियड्स के दौरान पेट के निचले हिस्से में दर्द और ऐंठन होना आम बात है। कई महिलाओं को पीरियड्स के शुरुआती एक-दो दिनों में हल्का या मध्यम दर्द महसूस होता है। लेकिन अगर दर्द इतना ज्यादा हो कि रोजमर्रा के काम, पढ़ाई या नौकरी प्रभावित होने लगे, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मेडिकल भाषा में पीरियड्स से जुड़े दर्द को डिसमेनोरिया (Dysmenorrhea) कहा जाता है।
आखिर पीरियड्स में दर्द क्यों होता है?
पीरियड्स के दौरान गर्भाशय अपनी अंदरूनी परत को बाहर निकालने के लिए सिकुड़ता है। इस प्रक्रिया में शरीर में बनने वाले प्रोस्टाग्लैंडिन (Prostaglandins) नामक रसायन गर्भाशय के संकुचन को बढ़ाते हैं, जिसकी वजह से पेट के निचले हिस्से में ऐंठन और दर्द महसूस हो सकता है। आमतौर पर यह दर्द पीरियड शुरू होने के आसपास अधिक होता है और कुछ दिनों में कम हो जाता है।
कब ज्यादा दर्द चिंता की बात हो सकता है?
अगर पीरियड्स का दर्द आपकी सामान्य दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है, बार-बार बढ़ रहा है या पहले की तुलना में काफी ज्यादा हो गया है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। ACOG के अनुसार, ऐसा दर्द जो हर महीने रोजमर्रा की गतिविधियों में परेशानी पैदा करे, मेडिकल जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है।
इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
1. दर्द इतना ज्यादा हो कि सामान्य काम करना मुश्किल हो जाए
अगर दर्द के कारण स्कूल, कॉलेज, ऑफिस या घर के सामान्य काम प्रभावित हो रहे हैं, तो इसे सिर्फ सामान्य पीरियड क्रैम्प मानकर सहते रहना सही नहीं है।
2. दर्द पहले से ज्यादा बढ़ गया हो
अगर पहले पीरियड्स सामान्य थे लेकिन अचानक दर्द काफी ज्यादा होने लगा है, तो इसके पीछे कोई अन्य कारण हो सकता है।
3. दर्द की दवा से भी राहत न मिले
अगर तेज दर्द सामान्य दर्द निवारक उपायों के बावजूद कम नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर से जल्द संपर्क करना चाहिए।
4. पीरियड्स बहुत ज्यादा या लंबे समय तक हों
अगर ब्लीडिंग 7 दिनों से ज्यादा चलती है या लगातार कई घंटों तक हर घंटे पैड/टैम्पोन बदलना पड़ रहा है, तो यह ज्यादा ब्लीडिंग का संकेत हो सकता है।
5. पीरियड्स के बीच भी ब्लीडिंग हो
पीरियड्स के बीच खून आना या सेक्स के बाद ब्लीडिंग होना सामान्य पीरियड पैटर्न का हिस्सा नहीं माना जाता और इसकी जांच करानी चाहिए।
6. पेशाब या मल त्याग के दौरान दर्द हो
अगर पीरियड्स के साथ या उसके आसपास पेशाब करने या मल त्याग करने में दर्द होता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
7. सेक्स के दौरान दर्द हो
पीरियड्स के अलावा सेक्स के दौरान होने वाला पेल्विक दर्द भी किसी अंतर्निहित समस्या का संकेत हो सकता है।
ज्यादा दर्द के पीछे कौन-कौन सी वजह हो सकती हैं?
हर बार तेज दर्द किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता। लेकिन कुछ मामलों में पीरियड्स का असामान्य दर्द दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है।
इनमें एंडोमेट्रियोसिस, एडेनोमायोसिस, गर्भाशय में फाइब्रॉइड और पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) जैसी स्थितियां शामिल हो सकती हैं।
एंडोमेट्रियोसिस में कैसा दर्द हो सकता है?
एंडोमेट्रियोसिस में गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसी कोशिकाएं गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगती हैं। इसमें पीरियड्स से पहले या दौरान तेज पेल्विक दर्द हो सकता है। कुछ महिलाओं में सेक्स, मल त्याग या पेशाब के दौरान भी दर्द हो सकता है और पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती है।
कब तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए?
अगर पेल्विक या पीरियड का दर्द बहुत तेज है, सामान्य से ज्यादा है और दर्द निवारक उपायों से भी राहत नहीं मिल रही, तो जल्द मेडिकल सहायता लेनी चाहिए।
खास तौर पर बहुत ज्यादा ब्लीडिंग के साथ कमजोरी, चक्कर या अस्वस्थ महसूस होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
क्या हर पीरियड का दर्द बीमारी है?
नहीं। पीरियड्स के दौरान हल्का या मध्यम दर्द कई लोगों में सामान्य हो सकता है। समस्या तब मानी जाती है जब दर्द बहुत ज्यादा हो, लगातार बढ़ रहा हो या आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा हो।
इसलिए हर महीने दर्द को सिर्फ यह सोचकर सहना जरूरी नहीं है कि "पीरियड्स में तो दर्द होता ही है।" अगर दर्द असामान्य है या आपकी जिंदगी प्रभावित कर रहा है, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से सलाह लेकर इसके कारण का पता लगाना बेहतर है।




