नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026। खाने में नमक स्वाद बढ़ाने के लिए जरूरी है, लेकिन अगर इसकी मात्रा जरूरत से ज्यादा हो जाए तो यह सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। नमक में मौजूद सोडियम शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है, लेकिन लंबे समय तक अधिक सोडियम का सेवन हाई ब्लड प्रेशर समेत कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है।
ज्यादा नमक खाने से बढ़ सकता है ब्लड प्रेशर
जब शरीर में सोडियम की मात्रा ज्यादा हो जाती है, तो शरीर अतिरिक्त पानी रोक सकता है। इससे रक्त की मात्रा बढ़ने के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने पर दिल और रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ता है।
दिल और किडनी पर भी असर
लगातार अधिक नमक का सेवन हाई ब्लड प्रेशर के जरिए हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम से जुड़ा है। वहीं, शरीर में सोडियम और पानी का संतुलन बनाए रखने में किडनी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में बहुत ज्यादा नमक का सेवन किडनी पर भी अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
सिर्फ ऊपर से डाला गया नमक ही जिम्मेदार नहीं
कई लोग सोचते हैं कि ज्यादा नमक का मतलब सिर्फ खाने में ऊपर से नमक डालना है। लेकिन चिप्स, नमकीन, इंस्टेंट नूडल्स, अचार, पापड़, सॉस और कई पैकेज्ड फूड में भी सोडियम काफी मात्रा में हो सकता है। इसलिए पैकेज्ड सामान खरीदते समय लेबल पर सोडियम की मात्रा देखना जरूरी है।
कितनी मात्रा में नमक है सही?
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वयस्कों को रोजाना 5 ग्राम से कम नमक यानी लगभग एक चम्मच से कम नमक का सेवन करना चाहिए। इसमें पूरे दिन भोजन और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों से मिलने वाला कुल नमक शामिल है।
नमक कम करने के आसान तरीके
खाने में नमक धीरे-धीरे कम करें और टेबल पर अलग से नमक डालने की आदत से बचें। पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड सीमित मात्रा में लें। स्वाद बढ़ाने के लिए नींबू, धनिया और अन्य मसालों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
निष्कर्ष: नमक को पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है, लेकिन इसकी मात्रा पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी है। खासकर हाई ब्लड प्रेशर, हृदय या किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार नमक का सेवन करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है। किसी बीमारी या विशेष स्वास्थ्य स्थिति में व्यक्तिगत सलाह के लिए योग्य डॉक्टर से संपर्क करें।




