नई दिल्ली, 8 सितंबर। आज की Gen Z के लिए नौकरी का मतलब सिर्फ अच्छी सैलरी नहीं रह गया है। काम का माहौल, करियर ग्रोथ, नई स्किल सीखने का मौका, सम्मान और वर्क-लाइफ बैलेंस भी नौकरी में बने रहने के बड़े कारण बन गए हैं। Youngstown State University के 1,000 फुल-टाइम अमेरिकी प्रोफेशनल्स के सर्वे के मुताबिक, 46% Gen Z कर्मचारियों ने कहा कि सीमित ग्रोथ या अपस्किलिंग के अवसर मिलने पर वे नौकरी छोड़ने की संभावना रखते हैं। Millennials में यह आंकड़ा 37% और Gen X में 25% था।
सिर्फ सैलरी नहीं, करियर ग्रोथ भी जरूरी
Gen Z लगातार यह देखना चाहती है कि उसकी नौकरी उसे आगे कहां लेकर जाएगी। अगर जिम्मेदारियां बढ़ती रहें, लेकिन नई जिम्मेदारी के साथ सीखने, प्रमोशन या बेहतर भूमिका के अवसर न मिलें, तो नौकरी बदलने का विचार मजबूत हो सकता है। सर्वे में 42% प्रोफेशनल्स ने बताया कि वे पहले ही सीमित ग्रोथ के कारण नौकरी छोड़ चुके हैं।
ट्रेनिंग और अपस्किलिंग का अभाव बड़ा कारण
रिपोर्ट के मुताबिक, 71% Gen Z प्रोफेशनल्स ने कहा कि उन्हें आगे की शिक्षा या ट्रेनिंग के लिए नियोक्ता से पर्याप्त सहयोग नहीं मिलता। वहीं 76% Gen Z ने शिक्षा और ट्रेनिंग की लागत को करियर ग्रोथ में बड़ी बाधा बताया। यानी युवा सिर्फ कोर्स उपलब्ध कराने के बजाय ऐसा प्रशिक्षण चाहती है जो उनके करियर और कमाई में वास्तविक बढ़त दे।
वर्क-लाइफ बैलेंस भी बना अहम मुद्दा
Gen Z के लिए काम के बाद निजी जिंदगी के लिए समय बचना भी महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक लगातार तनाव, अत्यधिक काम और सीमित निजी समय नौकरी के प्रति असंतोष बढ़ा सकते हैं। विभिन्न करियर अध्ययनों में भी युवा कर्मचारियों के लिए टिकाऊ वर्क-लाइफ बैलेंस और सीखने के अवसरों को महत्वपूर्ण बताया गया है।
हर बार नौकरी छोड़ना सही समाधान नहीं
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि Gen Z हर छोटी परेशानी पर इस्तीफा दे देती है। नौकरी बदलने से पहले आर्थिक स्थिति, अगला अवसर, करियर दिशा और कंपनी में सुधार की संभावनाओं को देखना जरूरी है। लेकिन जब लंबे समय तक ग्रोथ, सम्मान और सीखने के अवसर नहीं मिलते, तो दूसरी नौकरी तलाशना एक रणनीतिक करियर फैसला भी हो सकता है।
असल सवाल यह नहीं कि Gen Z इतनी जल्दी नौकरी क्यों छोड़ती है, बल्कि यह है कि क्या उसकी मौजूदा नौकरी उसे आगे बढ़ने का रास्ता दिखा रही है? यही सवाल अब कंपनियों के लिए भी अहम बनता जा रहा है।




