पटना, 26 अक्टूबर 2026 : बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान मिली है। पटना स्थित बिहार म्यूजियम को Worth a Journey की वर्ष 2026 की ‘The World’s 100 Best Museums’ सूची में दुनिया में नौवां स्थान दिया गया है। इस सूची में बिहार म्यूजियम एशिया का सबसे ऊंची रैंकिंग वाला संग्रहालय भी है। यह उपलब्धि बिहार की कला, इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। आधुनिक वास्तुकला और ऐतिहासिक संग्रह के लिए पहचाना जाने वाला यह संग्रहालय देश-विदेश के पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है।
पाषाण काल से आधुनिक दौर तक की विरासत
बिहार म्यूजियम में राज्य के इतिहास और सांस्कृतिक विकास को अलग-अलग दीर्घाओं के जरिए प्रस्तुत किया गया है। यहां ऐतिहासिक मूर्तियां, प्राचीन सिक्के, पांडुलिपियां और क्षेत्रीय लोक कला से जुड़ी वस्तुएं देखने को मिलती हैं। संग्रहालय की दीर्घाएं बिहार के अतीत और उसकी सांस्कृतिक विविधता को समझने का अवसर देती हैं।
आधुनिक वास्तुकला भी है खास आकर्षण
संग्रहालय का विशाल परिसर, खुले आंगन और व्यवस्थित दीर्घाएं इसकी खास पहचान हैं। यहां बच्चों के लिए अलग गैलरी और बिहार के इतिहास से परिचित कराने वाली फिल्म भी उपलब्ध है। इतिहास और कला में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह पटना के प्रमुख सांस्कृतिक स्थलों में शामिल है।
दुनिया की सूची में नौवां स्थान, एशिया में सबसे आगे
Worth a Journey की 2026 की सूची में बिहार म्यूजियम को 100 संग्रहालयों में नौवें स्थान पर रखा गया है। सूची में एशिया के अन्य संग्रहालय भी शामिल हैं, मगर बिहार म्यूजियम की रैंकिंग इस क्षेत्र के संग्रहालयों में सबसे ऊपर है। हालांकि, इस रैंकिंग को समझते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह संबंधित प्रकाशन की सूची है। इसे दुनिया के सभी संग्रहालयों की सर्वमान्य या आधिकारिक सरकारी रैंकिंग नहीं समझना चाहिए।
पर्यटकों के लिए जरूरी जानकारी
बिहार म्यूजियम की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, इसकी मुख्य दीर्घाएं सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुलती हैं। संग्रहालय सोमवार को बंद रहता है। भारतीय वयस्कों के लिए सामान्य प्रवेश टिकट ₹100 और भारतीय बच्चों के लिए ₹50 निर्धारित है। शाम 5 बजे के बाद विशेष रियायती टिकट की सुविधा भी दी गई है। संग्रहालय की सभी दीर्घाओं को आराम से देखने के लिए चार से पांच घंटे का समय रखना उपयोगी हो सकता है। भ्रमण से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर समय, टिकट और छुट्टियों से जुड़ी जानकारी जरूर जांच लें।
बिहार के लिए क्यों अहम है यह उपलब्धि?
वैश्विक सूची में स्थान मिलने से बिहार म्यूजियम की अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ सकती है। इससे पटना में सांस्कृतिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने और राज्य की ऐतिहासिक विरासत की ओर अधिक लोगों का ध्यान आकर्षित होने की उम्मीद है।




