रांची, 26 अगस्त। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए खनन, अवैध कारोबार और विकास योजनाओं को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में झारखंड की स्थिति खराब हुई है और राज्य में कोयला, बालू तथा पत्थर के अवैध कारोबार को बढ़ावा मिला है। उन्होंने केंद्र सरकार के हालिया MMDR बिल को झारखंड के हित में बताया और कहा कि इसे लेकर राज्य सरकार जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रही है।

MMDR बिल से राज्य को होगा फायदा: रघुवर दास

रघुवर दास ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और तांबा, लोहा तथा कोयले से राज्य को बड़ी आर्थिक क्षमता मिल सकती है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार की नई व्यवस्था से राज्य के खनन क्षेत्र और आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने दावा किया कि माइनिंग सेक्टर से मिलने वाले कुल टैक्स का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को मिलता है और रॉयल्टी के अतिरिक्त 30 प्रतिशत तक आर्थिक लाभ का प्रावधान भी है। रघुवर दास ने कहा कि खनन से मिलने वाली राशि का उपयोग जनजातीय और स्थानीय क्षेत्रों के विकास में होना चाहिए।

अवैध खनन को लेकर सरकार पर लगाए आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि धनबाद, चाईबासा, चतरा और पाकुड़ सहित कई इलाकों में अवैध खनन का कारोबार चल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोयला, बालू और पत्थर के अवैध कारोबार से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है।

उन्होंने दावा किया कि झारखंड में 34 कोल ब्लॉक को मंजूरी मिलने के बावजूद केवल चार ही कोल ब्लॉक चालू हो पाए हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में विकास और औद्योगिक परियोजनाएं ठप पड़ी हैं, जिससे रोजगार और निवेश प्रभावित हो रहा है।

DMFT फंड और जनजातीय विकास का उठाया मुद्दा

रघुवर दास ने कहा कि DMFT फंड का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां रहने वाले लोगों के विकास के लिए संसाधन उपलब्ध कराना है। उन्होंने राज्य सरकार से सवाल किया कि पिछले छह वर्षों में आदिवासी और मूलवासी समाज की आर्थिक स्थिति में कितना सुधार हुआ है।

मैया सम्मान योजना और महिला रजिस्ट्री पर भी बोले

प्रेस वार्ता में रघुवर दास ने मैया सम्मान योजना को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय योजनाएं लाई गईं। साथ ही अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार के दौरान कोई नया सेस नहीं लगाया गया और महिलाओं के नाम पर संपत्ति रजिस्ट्री के लिए एक रुपये की व्यवस्था लागू थी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के विकास के लिए खनिज संसाधनों का पारदर्शी और योजनाबद्ध उपयोग जरूरी है। हालांकि, रघुवर दास द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।