देवघर | 25 जुलाई 2026

देवघर पुलिस ने अपराध नियंत्रण अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को साइबर पुलिस बताने और लोगों को डराकर लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। जसीडीह थाना क्षेत्र के कोकराझोरी-रोशन मोड़ मार्ग स्थित एक अधनिर्मित मकान में छापेमारी कर पुलिस ने गिरोह के 10 सक्रिय अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी किसी बड़ी आपराधिक घटना की योजना बना रहे थे।

गुप्त सूचना पर बनी विशेष टीम

देवघर के पुलिस अधीक्षक को 24 जुलाई को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी एक स्थान पर एकत्र होकर बड़ी वारदात की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर एसपी के निर्देश पर विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। जसीडीह, देवीपुर, मोहनपुर, चितरा, मधुपुर थाना और तकनीकी शाखा की संयुक्त टीम ने मौके पर घेराबंदी कर सभी आरोपियों को दबोच लिया।

पुलिस बनकर करते थे लूटपाट

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को साइबर पुलिस बताते थे। इसके बाद लोगों को जांच और कार्रवाई का डर दिखाकर लूटपाट करते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने जसीडीह, सोनारायठाढ़ी, मोहनपुर, मधुपुर और पथरोल थाना क्षेत्रों में कई घटनाओं को अंजाम दिया है।

गिरोह का सरगना मुबारक अंसारी उर्फ गुड्डू

पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना मुबारक अंसारी उर्फ गुड्डू है। इसके अलावा फारुख अंसारी, सुलेमान साह, पाण्डेय यादव, अल्ताफ अंसारी समेत अन्य सदस्य भी गिरफ्तार किए गए हैं। अधिकांश आरोपी मोहनपुर और देवीपुर थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि कुछ आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और वे कई गंभीर मामलों में नामजद हैं।

हथियार और फर्जी पुलिस सामग्री बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देसी पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, एक मैगजीन, पांच कैमोफ्लाज टी-शर्ट, पांच कैमोफ्लाज पैंट, पांच कैमोफ्लाज टोपी, चार प्लास्टिक पुलिस स्टिक और दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं। इन सामानों का इस्तेमाल कर आरोपी पुलिसकर्मी बनकर लोगों को झांसे में लेते थे।

आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज

इस मामले में जसीडीह थाना कांड संख्या 248/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, पूर्व में हुई वारदातों और संभावित नेटवर्क की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।