रामगढ़ | 27 जुलाई 2026

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत सोमवार को रामगढ़ सदर अस्पताल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा और उपायुक्त ऋतुराज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान अस्पताल में जन्मी नवजात बच्चियों की माताओं को सम्मानित करते हुए 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान से संबंधित विशेष किट वितरित की गई और परिवारों को बेटियों के जन्म पर शुभकामनाएं दी गईं।

बेटियां समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि बेटियों के जन्म का सम्मान, बेहतर स्वास्थ्य, पोषण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

समान अवसर देना ही वास्तविक सशक्तिकरण

उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि किसी भी समाज का विकास महिलाओं और बेटियों के सशक्तिकरण के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने अभिभावकों से बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर भी दी गई जानकारी

कार्यक्रम के दौरान नवजात बच्चियों की माताओं को स्तनपान, संतुलित आहार, नियमित टीकाकरण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच के महत्व की जानकारी दी गई। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने माताओं को नवजात शिशुओं की देखभाल से जुड़े आवश्यक सुझाव भी दिए।

इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी इंदु प्रभा खलको, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. स्वराज, अस्पताल प्रबंधक अंतरा झा, स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में लाभार्थी और उनके परिजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण को जन-जन तक पहुंचाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।