सिल्ली (रांची), 21 अगस्त 2026 : अगर आप भी अपने कमरे में मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती का इस्तेमाल करते हैं तो हो जाइए सावधान। क्योंकि पश्चिम बंगाल के ब्रजपुर के पास हेसाहातु गांव में मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती का धुआं एक परिवार के लिए मुसीबत बन गया। रात में बंद कमरे में अगरबत्ती जलाकर सोने के बाद एक ही परिवार के चार सदस्य बेहोश हो गए। इनमें तीन की हालत तो काफी गंभीर बताई जा रही है और उन्हें वेंटिलेशन पर रखा गया है। इस घटना के बाद परिवार के सभी सदस्यों को पहले झालदा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मुरी स्थित सिंगपुर नर्सिंग होम रेफर कर दिया गया है।

बंद कमरे में सोया था पूरा परिवार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अशोक दत्ता (47), उनकी पत्नी लक्ष्मी दत्ता (42), बेटी ब्यूटी दत्त (14) और बेटा महावीर दत्त (12) गुरुवार रात खाना खाने के बाद एक ही कमरे में सोने चले गए थे। कमरे में मच्छर भगाने के लिए अगरबत्ती जलाई गई थी। बताया जा रहा है कि कमरे की खिड़कियां बंद थीं। रातभर अगरबत्ती का धुआं कमरे में जमा होता रहा और धीरे-धीरे परिवार के सभी सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई। बाद में चारों बेहोश हो गए।

सुबह दरवाजा नहीं खुलने पर लोगों को हुई चिंता

सुबह करीब नौ बजे तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो बाहर मौजूद लोगों को चिंता हुई। लोगों ने दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। इसी दौरान 12 वर्षीय महावीर किसी तरह दरवाजा खोलने में सफल रहा। कमरे के अंदर परिवार के अन्य सदस्यों को बेहोश देखकर आसपास के लोगों ने तुरंत सभी को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

तीन की हालत गंभीर, वेंटिलेशन पर रखा गया

चारों को सबसे पहले झालदा सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आगे के इलाज के लिए मुरी के सिंगपुर नर्सिंग होम रेफर किया गया। सिंगपुर नर्सिंग होम के चिकित्सक डॉ. रमनेश प्रसाद के अनुसार, चारों की हालत गंभीर थी। इलाज के बाद 12 वर्षीय महावीर दत्त को होश आ गया और उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। वहीं, अशोक दत्ता, लक्ष्मी दत्ता और ब्यूटी दत्ता की हालत गंभीर बनी हुई है। तीनों को वेंटिलेशन पर रखा गया है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।

बंद कमरे में धुएं को लेकर सावधानी जरूरी

इस घटना के बाद बंद कमरे में मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती या अन्य धुआं पैदा करने वाले उत्पादों के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत सामने आई है। कमरे में पर्याप्त हवा का आवागमन नहीं होने पर धुआं जमा हो सकता है। फिलहाल परिवार के तीन सदस्यों की हालत गंभीर बनी हुई है और चिकित्सक लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।