लातेहार, 27 अगस्त। बालूमाथ प्रखंड परिसर में धाधू कोल ब्लॉक को लेकर आयोजित जनसुनवाई के दौरान बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। धाधू, भैंसादोन, नावाडीह, चित्रपुर, हेमपुर और सिमर स्रोत गांवों से पहुंचे सैकड़ों किसानों ने NLC कंपनी के जमीन अधिग्रहण प्रस्ताव का विरोध करते हुए जनसुनवाई का बहिष्कार कर दिया। विरोध के कारण कंपनी के अधिकारी मंच तक नहीं पहुंच सके और उन्हें वापस लौटना पड़ा।

सुबह से पोस्टर-बैनर लेकर पहुंचे ग्रामीण

जनसुनवाई शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण प्रखंड परिसर पहुंच गए थे। उनके हाथों में जमीन बचाने से जुड़े पोस्टर और बैनर थे। ग्रामीणों ने “जान देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे” और “NLC कंपनी वापस जाओ” जैसे नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

किसानों ने मंच के आसपास घेरा बनाकर कंपनी के अधिकारियों के जनसुनवाई में शामिल होने का विरोध किया। अधिकारियों ने मंच तक पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा।

उपजाऊ जमीन को बंजर बताने का आरोप

विरोध कर रहे किसानों का आरोप है कि उनकी उपजाऊ कृषि भूमि को कागजों में बंजर दिखाया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, इस जमीन पर टमाटर, धान, मक्का और अन्य फसलों की खेती होती है, जिससे कई परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है।

किसानों ने दावा किया कि खेती से उन्हें हर सीजन में अच्छी आय होती है और जमीन का अधिग्रहण होने पर उनकी रोजी-रोटी प्रभावित होगी। ग्रामीणों ने जमीन अधिग्रहण को लेकर दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया।

ग्रामसभा में चर्चा की उठाई मांग

ग्रामीणों का कहना था कि जमीन से जुड़े किसी भी फैसले से पहले संबंधित गांवों में ग्रामसभा आयोजित की जानी चाहिए। किसानों ने आरोप लगाया कि अब तक गांव स्तर पर ग्रामसभा कर उनकी राय नहीं ली गई।

ग्राम प्रधान ने भी प्रखंड परिसर में जनसुनवाई आयोजित करने के बजाय गांव में ग्रामीणों के बीच सीधे चर्चा करने की मांग की। किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे अपनी उपजाऊ जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं।

विरोध के कारण आगे नहीं बढ़ सकी जनसुनवाई

किसानों के तीखे विरोध के कारण जनसुनवाई की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे।

इधर, मामले को लेकर NLC कंपनी के जनरल मैनेजर से पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। फिलहाल धाधू कोल ब्लॉक और जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों का विरोध चर्चा का विषय बना हुआ है।