पटना, 27 अगस्त 2026 : बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने प्रदेशवासियों को रक्षा बंधन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और निष्ठा के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है। यह पर्व हर वर्ष श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर मनाया जाता है। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि रक्षा बंधन के दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उनकी कलाई पर राखी बांधती हैं। वहीं भाई अपनी बहन की हमेशा रक्षा करने का संकल्प लेता है।
रक्षा बंधन से जुड़ी हैं कई पौराणिक मान्यताएं
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि रक्षा बंधन को लेकर कई ऐतिहासिक और पौराणिक मान्यताएं प्रचलित हैं। एक मान्यता के अनुसार देवासुर संग्राम के दौरान भगवान इंद्र की पत्नी इंद्राणी ने अभिमंत्रित रक्षा सूत्र बांधा था, जिसके बाद इंद्र को विजय मिली। माना जाता है कि इसी घटना से रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा को बल मिला। एक अन्य मान्यता के अनुसार देवी लक्ष्मी ने राजा बलि को और द्रौपदी ने भगवान श्रीकृष्ण को रक्षा सूत्र बांधा था। वहीं इतिहास में मेवाड़ की रानी कर्णावती द्वारा मुगल सम्राट हुमायूं को राखी भेजकर रक्षा का आग्रह किए जाने का भी उल्लेख मिलता है।
महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान का भी संदेश
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि रक्षा बंधन केवल भाई-बहन के स्नेह का त्योहार नहीं, बल्कि माताओं और बहनों की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के संकल्प का भी प्रतीक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस पर्व की भावना को जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी कामना है कि रक्षा बंधन का यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।




