चक्रधरपुर (पश्चिमी सिंहभूम) | 08 जुलाई 2026
पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में पिछले आठ वर्षों से अधूरी पड़ी सड़क परियोजना को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बुधवार को खुलकर सामने आया। गोइलकेरा-मनोहरपुर मुख्य सड़क से आमजरण, कैरम, मिंडीसोया और गोयरा मुख्य सड़क तक बनने वाली 7.33 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है। इसी मुद्दे को लेकर आजसू नेता एवं पूर्व प्रत्याशी डॉ. दिनेश चंद्र बोयपाई के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ग्रामीण कार्य विभाग (आरईओ) कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया।
आठ वर्षों से अधूरी है करोड़ों की परियोजना
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 4.56 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत इस सड़क का निर्माण लंबे समय से रुका हुआ है। सड़क अधूरी रहने के कारण हजारों लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही, बच्चों की शिक्षा, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, कृषि कार्य और व्यापारिक गतिविधियों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं।
10 सूत्री मांगपत्र सौंपकर की कार्रवाई की मांग
धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कार्यपालक अभियंता को 10 सूत्री मांगपत्र सौंपा। इसमें सड़क निर्माण कार्य तुरंत शुरू कर तय समय-सीमा के भीतर पूरा कराने, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की निगरानी समिति गठित करने, निर्माण में हुई देरी की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों व संवेदक पर कार्रवाई करने की मांग की गई। इसके अलावा अब तक खर्च हुई राशि का विवरण ग्रामसभा के समक्ष रखने और निर्माण कार्य में देरी के कारणों को सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई गई।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होगी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगला आंदोलन और अधिक व्यापक होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से लंबित यह सड़क परियोजना अब केवल विकास का नहीं, बल्कि क्षेत्र के हजारों लोगों के जीवन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुकी है।
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