नई दिल्ली, 21 अगस्त 2026 : तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा को लेकर विदेश मंत्रालय ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्रियों और अन्य गणमान्य लोगों की विदेश यात्राओं का आकलन मंत्रालय की ओर से किया जाता है। इसके बाद ही यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी दी जाती है। रणधीर जायसवाल के मुताबिक रेवंत रेड्डी को ब्रिटेन की यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी दी गई थी, लेकिन अमेरिका दौरे के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम मुख्यमंत्री के पद और यात्रा के उद्देश्य के अनुरूप नहीं था। इसी वजह से अमेरिका यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी नहीं दी गई।

विदेश यात्रा के लिए क्या है प्रक्रिया ?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्रियों और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोगों की विदेश यात्राओं के प्रस्ताव का मंत्रालय मूल्यांकन करता है। यात्रा का कार्यक्रम संबंधित पद और प्रस्तावित उद्देश्य के अनुरूप होना जरूरी है। इसी प्रक्रिया के तहत रेवंत रेड्डी के अमेरिका दौरे के प्रस्ताव का भी आकलन किया गया।

पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के मामले पर भी बयान

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग से जुड़े एक मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारतीय उच्चायोग के सामने पार्किंग सुविधा से जुड़े कुछ ढांचे हटा दिए गए थे। भारत ने पाकिस्तान से इन्हें नहीं हटाने का अनुरोध किया था, लेकिन इसके बावजूद इन्हें हटा दिया गया। इसके बाद भारत ने इसे अनुपातिक कार्रवाई बताते हुए दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर की लेन में मौजूद कुछ अस्थायी ढांचों को हटाया।

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के भारत दौरे पर क्या कहा ?

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के प्रस्तावित भारत दौरे को लेकर भी विदेश मंत्रालय से सवाल किया गया। इस पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि फिलहाल उनके पास इस संबंध में साझा करने के लिए कोई नई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई अपडेट मिलने पर सार्वजनिक किया जाएगा।

दो जहाजों पर सवार 22 भारतीय सुरक्षित

विदेश मंत्रालय ने यमन-सोमालिया क्षेत्र के पास समुद्री घटनाओं से जुड़ी खबरों के बीच दो जहाजों पर मौजूद भारतीय नागरिकों को लेकर भी जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार, दोनों विदेशी-ध्वज वाले जहाजों पर कुल 22 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार हैं। इनमें एक जहाज पर 16 और दूसरे जहाज पर छह भारतीय नागरिक मौजूद हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अब तक मिली जानकारी के अनुसार सभी 22 भारतीय सुरक्षित हैं। मंत्रालय संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है और उनकी सुरक्षा एवं कल्याण पर लगातार नजर रखी जा रही है।