नई दिल्ली, 17 अक्टूबर 2026 : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के विपक्ष पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने के आरोप के बाद सियासी घमासान खूब तेज हो गया है। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पलटवार किया है। कपिल सिब्बल ने कहा है कि सत्ता परिवर्तन कांग्रेस नहीं, बल्कि देश की जनता चाहती है। उन्होंने केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार और संस्थाओं पर कब्जे का आरोप भी लगाया। इसके साथ ही सांसद कपिल सिब्बल ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा।
कपिल सिब्बल ने क्या कहा ?
सांसद व वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन नहीं चाहती है, बल्कि देश की जनता बदलाव चाहती है। कपिल सिब्बल ने अपने पोस्ट में भ्रष्टाचार के खिलाफ हुए आंदोलनों का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के वादों से पीछे हटकर संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है और मतदाता सूची में हेरफेर भी किया है। सांसद कपिल सिब्बल ने इसी संदर्भ में कहा कि अब केंद्र सरकार के जाने का समय आ गया है।
राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए ?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्ष और इंडिया गठबंधन पर जमकर निशाना साधा था। रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल चुनावी सुधार के बजाय देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करना चाहते हैं। राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी और विपक्ष पर युवाओं को राजनीतिक टकराव का माध्यम बनाने का आरोप भी लगाया। उनके मुताबिक संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके देश की विकास यात्रा को बाधित नहीं किया जाना चाहिए।
बांग्लादेश का उदाहरण देकर साधा था निशाना
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया था कि कुछ लोग बांग्लादेश की घटनाओं से प्रेरित होकर भारत में सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक हितों के लिए संवैधानिक संस्थाओं की बलि नहीं दी जा सकती और विपक्ष को जनादेश का सम्मान करना चाहिए। रक्षा मंत्री ने अपने बयान में आपातकाल और 1984 के सिख विरोधी दंगों का भी उल्लेख किया था।
सत्ता परिवर्तन के बयान से बढ़ी सियासी बहस
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सांसद कपिल सिब्बल के बयानों से सत्ता परिवर्तन, विपक्ष की राजनीति और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर बहस तेज हो गई है। एक तरफ रक्षा मंत्री विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठा रहे हैं तो दूसरी तरफ सांसद कपिल सिब्बल केंद्र सरकार के कामकाज पर निशाना साध रहे हैं।




