कोलकाता | 10 जुलाई 2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि उन्हें चुप कराना है तो उनकी हत्या करनी होगी। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार उनके नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित कर रही है, लेकिन वह किसी भी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं हैं।
'मुझे डराकर चुप नहीं कराया जा सकता'
अपने संदेश में ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा राजनीतिक विरोधियों को डराने और दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "अगर मुझे चुप कराना है तो तुम्हें मुझे मारना होगा। मैं अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज उठाती रहूंगी।" उन्होंने दावा किया कि उनके कई सहयोगियों को जानबूझकर निशाना बनाया गया और उन्हें अपमानित किया गया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर भी लगातार राजनीतिक हमले किए जा रहे हैं।
कार्यकर्ताओं के साथ अमानवीय व्यवहार का आरोप
टीएमसी प्रमुख ने हिरासत में लिए गए पार्टी कार्यकर्ताओं की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ लॉक-अप में अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। उनके अनुसार कुछ लोगों को फर्श पर सोने के लिए मजबूर किया गया, जबकि कुछ के साथ अपमानजनक व्यवहार किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। ममता ने कहा कि यदि ये आरोप सही हैं तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
बागी नेताओं पर भी साधा निशाना
ममता बनर्जी ने हाल ही में पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीति में विश्वास सबसे महत्वपूर्ण होता है और जनता के भरोसे को तोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो नेता तृणमूल कांग्रेस के साथ नहीं रहना चाहते, वे खुलकर भाजपा में शामिल हो जाएं, लेकिन पार्टी में रहकर विरोधी दल के लिए काम न करें।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
टीएमसी प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है जब पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी उपचुनाव और बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच ममता बनर्जी का यह बयान कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और संगठन को एकजुट रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं भाजपा ने ममता बनर्जी के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार देते हुए खारिज किया है।




