बिहटा (पटना) | 11 जुलाई 2026
पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के राघोपुर गांव में पूर्व मुखिया संजय यादव का शव खेत के पास स्थित एक ट्यूबवेल के निकट मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। संजय यादव राइफल बरामदगी से जुड़े एक मामले में कई महीनों से फरार बताए जा रहे थे और शुक्रवार को उनके अदालत में आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने की चर्चा थी। इसी बीच सुबह करीब 5 बजे उनका शव मिलने के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
परिजनों का कहना है कि संजय यादव लंबे समय से गांव से बाहर रह रहे थे। ऐसे में उनका शव अचानक गांव के खेत में मिलना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। उनका आरोप है कि हत्या कहीं और करने के बाद शव यहां लाकर फेंका गया होगा। हालांकि पुलिस ने अभी इस दावे की पुष्टि नहीं की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शव पर किसी तरह के स्पष्ट बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं।
ग्रामीणों का प्रदर्शन, पुलिस को करना पड़ा पीछे हटना
घटना के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर बिहटा-पाली और औरंगाबाद मुख्य मार्ग को करीब छह घंटे तक जाम रखा। इस दौरान आगजनी भी की गई। मौके पर पहुंची पुलिस का लोगों ने विरोध किया और सिटी एसपी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। बाद में सिटी एसपी (पश्चिम) संकेत कुमार के मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष जांच का आश्वासन देने के बाद जाम समाप्त हुआ और शव को पोस्टमार्टम के लिए दानापुर भेजा गया।
जमीन विवाद और सरेंडर की जानकारी लीक होने पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, राघोपुर में लगभग 52 कट्ठा जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसकी जांच भी की जा रही है। वहीं यह सवाल भी उठ रहा है कि अदालत में प्रस्तावित सरेंडर की जानकारी आखिर किस तरह बाहर आई। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही किया जाएगा। देर शाम सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की।




