नई दिल्ली | 10 जुलाई 2026
हिंदू धर्म में योगिनी एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर मनाया जाने वाला यह पावन व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस वर्ष योगिनी एकादशी शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा, व्रत, जप और दान करने से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। शास्त्रों में इस दिन किए गए दान को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक पुण्यदायी माना गया है।
अनाज का दान माना जाता है सबसे शुभ
योगिनी एकादशी के दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों को गेहूं, आटा, दाल, चना या अन्य खाद्य सामग्री का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे माता अन्नपूर्णा की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में कभी अन्न की कमी नहीं होती। हालांकि, एकादशी के दिन चावल का सेवन और दान दोनों ही वर्जित माने गए हैं।
वस्त्र, छाता और चप्पल का दान भी करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन साफ और नए वस्त्र दान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। इसके अलावा गर्मी और बारिश से बचाव के लिए किसी जरूरतमंद को छाता या चप्पल दान करना भी पुण्यदायी माना जाता है। इससे जीवन की कठिनाइयों में कमी आने और शुभ फल प्राप्त होने की मान्यता है।
फल और सात्विक भोजन का दान मिलेगा विशेष फल
योगिनी एकादशी पर फल, मिठाई या सात्विक भोजन का दान ब्राह्मणों, साधु-संतों तथा जरूरतमंद लोगों को करना शुभ माना गया है। ऐसा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
दान करते समय रखें इन बातों का ध्यान
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार दान हमेशा अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार करना चाहिए। दान करते समय अहंकार, दिखावा या किसी प्रकार की अपेक्षा नहीं रखनी चाहिए। शुद्ध मन और सच्ची भावना से किया गया दान ही सबसे अधिक फलदायी माना जाता है। इस दौरान भगवान विष्णु के मंत्र "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" का जाप करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
(नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। विभिन्न क्षेत्रों में मान्यताएं और पूजा-विधि अलग-अलग हो सकती हैं।)




