नई दिल्ली, 4 अगस्त 2026: भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने गूगल, फेसबुक, एक्स समेत अन्य डिजिटल कंपनियों की कमाई, टैक्स और कंटेंट मॉडरेशन को लेकर सवाल उठाए हैं। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया कंपनियां भारत से बड़ी कमाई करती हैं, लेकिन टैक्स के रूप में बहुत कम राशि देती हैं। निशिकांत दुबे ने दावा किया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भारत से करीब तीन लाख करोड़ रुपये कमाते हैं, जबकि टैक्स के तौर पर केवल करीब आठ हजार करोड़ रुपये जमा करते हैं। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों को अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी।

'देश के पैसे से देश विरोधी ताकतों को बढ़ावा' का आरोप

बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अपने संसाधनों का इस्तेमाल ऐसी गतिविधियों के लिए होने दे रहे हैं, जो देश के हितों के खिलाफ हैं। इस बीच उन्होंने कहा कि इंटरनेट कंपनियों को भारत में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मिला 'सेफ हार्बर' सुरक्षा कवच अब समीक्षा के दायरे में आ सकता है। भाजपा सांसद के मुताबिक बदलते डिजिटल माहौल में नियमों पर अब दोबारा विचार करने की जरूरत है। और पर विचार जरूर होना चाहिए।

व्यूअरशिप और कंटेंट को लेकर उठाए सवाल

निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर अलग-अलग संगठनों और राजनीतिक समूहों के बढ़ते व्यूअरशिप आंकड़ों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नए संगठनों और आंदोलनों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से बढ़ावा मिल रहा है पर इनकी निगरानी को लेकर पारदर्शिता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्लेटफॉर्म गलत या आपत्तिजनक कंटेंट को रोकने में पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियों को यह स्पष्ट करना होगा कि प्लेटफॉर्म पर यूजर्स, वीपीएन और डिजिटल गतिविधियों से जुड़ा डेटा किस तरह संभाला जा रहा है।

'प्रधानमंत्री का कंटेंट हटाया जा सकता है तो यह गंभीर मामला'

बीजेपी सांसद ने कहा कि अगर किसी देश के प्रधानमंत्री से जुड़े कंटेंट को भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अपने नियमों के तहत हटा सकते हैं तो यह बहुत ही गंभीर विषय है। उन्होंने सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने तेलंगाना सरकार की ओर से सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का जिक्र भी किया और कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म को हर हाल में भारतीय कानूनों का पालन करना होगा।

क्या है सेफ हार्बर प्रावधान?

सेफ हार्बर एक कानूनी सुरक्षा है, जिसके तहत सोशल मीडिया कंपनियों को यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए थर्ड पार्टी कंटेंट के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं माना जाता। भारत में यह सुरक्षा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत दी गई है।